बलूचिस्तान में बम विस्फोट...काम पर जा रहे थे मजदूर, तभी हुआ जोरदार धमाका, 9 लोगों की मौत

पाकिस्तान के क्वैटा शहर के हरनाई में बस से मजदूर कोयला खादानों की तरफ जा रहे थे. इसी दौरान सड़क के किनारे बम विस्फोट हो गया. इस विस्फोट में 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

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पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार को उस समय नौ कोयला खनिकों की मौत हो गयी जब उन लोगों को ले जा रहा वाहन एक बम विस्फोट की चपेट में आ गया. इस घटना में सात लोग घायल भी हुए हैं. हरनाई क्षेत्र के उपायुक्त हजरत वली काकर के अनुसार, यह घटना प्रांत के हरनाई जिले के शाहराग इलाके में हुई. सभी एक मिनी ट्रक सवार थे. उन्होंने कहा कि घायलों को नजदीक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और उन्होंने जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है.

बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रैंड ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मामले में जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि अभी तक किसी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन अतीत में हुए इस तरह के हमलों के लिए प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी को जिम्मेदार ठहराया गया है.

100 दिन पहले इसी शहर में हुआ था धमाका

9 नवंबर 2024 को क्वैटा के रेलवे स्टेशन के पास बड़ा धमाका हुआ था. इस धमाके में करीब 20 लोगों की मौत हो गई थी. इसे फिदायीन हमला कहा गया. पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत में लगातार उबाल है.

साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के मुताबिक पाकिस्तान में 2024 में फिदायीन हमले की वजह से 524 नागरिकों की मौत हो गई. इस साल अब तक 30 से ज्यादा लोग आतंकी हमले में मारे गए हैं.

पाकिस्तान में अब तक जितने भी बम धमाके इस तरह के हुए हैं, इन सभी ब्लास्ट में आईईडी का उपयोग किया गया है. आईईडी उपलब्ध कराए जाने को लेकर भी पाकिस्तान में सवाल उठते रहे हैं.

5 साल में 1600 से ज्यादा नागरिकों की मौत

साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के मुताबिक पाकिस्तान में पिछले 5 साल में 1600 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हो चुकी है. साल 2020 में बम धमाके और अन्य आतंकी हमले की वजह से 169 आम नागरिकों की जान चली गई थी. 2021 में मरने वालों की संख्या बढ़कर 215 और 2022 में 229 पर पहुंच गया.
  First Updated : Friday, 14 February 2025