नई दिल्ली: हजारों दर्शकों की मौजूदगी, हाई-प्रोफाइल UFC मुकाबला, कड़ी सुरक्षा में घिरा व्हाइट हाउस और मंच पर मौजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. सब कुछ एक बड़े आयोजन की तरह चल रहा था, लेकिन अब सामने आई जानकारी ने इस इवेंट को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अमेरिकी जांच एजेंसियों का दावा है कि इस कार्यक्रम को निशाना बनाकर एक बड़ी साजिश रची जा रही थी. आरोप है कि कुछ लोग ड्रोन के जरिए विस्फोटक हमला कर अफरा-तफरी फैलाना चाहते थे और फिर उस अराजकता का फायदा उठाकर बड़े राजनीतिक चेहरों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे.
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जन्मदिन के अवसर पर व्हाइट हाउस में UFC इवेंट आयोजित किया गया था. इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. इसी बीच अमेरिकी एजेंसियों ने खुलासा किया कि कार्यक्रम के दौरान हमला करने की तैयारी की जा रही थी. FBI निदेशक काश पटेल ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने इस योजना को पहले ही पकड़ लिया और उसे अंजाम तक पहुंचने से रोक दिया.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हमलावरों की योजना इवेंट स्थल के ऊपर विस्फोटक से लैस ड्रोन उड़ाने की थी. इसके बाद वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मचाने का इरादा था. बताया गया है कि अफरा-तफरी फैलने के बाद कुछ स्नाइपर शूटर भी सक्रिय होने वाले थे, जिनका मकसद भीड़ में मौजूद विशेष व्यक्तियों को निशाना बनाना था. एजेंसियों का दावा है कि पूरी योजना बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार की गई थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. इनमें 19 वर्षीय टायसन प्रॉपर भी शामिल है, जिसे 10 जून को ओहायो से हिरासत में लिया गया था. बताया गया कि उसकी मां ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका बेटा इंटरनेट पर कुछ कट्टरपंथी समूहों के संपर्क में था. जांच के दौरान उसके घर से कई हथियार और बड़ी मात्रा में गोलियां बरामद होने का दावा किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, उसने कई संभावित लक्ष्यों की पहचान भी कर रखी थी, जिनमें अमेरिकी संसद से जुड़े कुछ प्रमुख नाम भी शामिल थे.
इस कार्यक्रम में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद थे. उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि उन्हें हाल ही में इस कथित साजिश की जानकारी मिली है. जब उनसे पूछा गया कि सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले को सार्वजनिक क्यों किया, तो उन्होंने कहा कि इसकी वजह इस योजना की गंभीरता और व्यापकता हो सकती है. वेंस ने इसे एक समन्वित और योजनाबद्ध आतंकी साजिश बताया. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उन नेटवर्क और संगठनों की जांच कर रही है, जिन पर कट्टरपंथी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं.
इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिका में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है. जेडी वेंस ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर आरोप लगाया कि ट्रंप के खिलाफ लगातार की जाने वाली बयानबाजी समाज में तनाव बढ़ाने का काम कर रही है. दूसरी ओर, ट्रंप के आलोचकों का कहना है कि अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक कटुता के लिए केवल विपक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. उनका मानना है कि देश में विभाजनकारी बयान और तीखी राजनीतिक भाषा भी तनाव को बढ़ावा देती है. First Updated : Wednesday, 17 June 2026