मिडिल ईस्ट में हालात लंबे समय से तनावपूर्ण हैं। इजरायल और लेबनान के बीच टकराव बढ़ता जा रहा था। अब अचानक सीजफायर की घोषणा ने उम्मीद जगाई है। सवाल यही है कि क्या यह शांति टिकेगी। दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी रही है। ऐसे में 10 दिन का समय बहुत अहम माना जा रहा है। दुनिया की नजर इस समझौते पर टिकी है।
ट्रंप ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर दी। उन्होंने बताया कि उनकी बातचीत लेबनान के राष्ट्रपति और इजरायल के प्रधानमंत्री से हुई। दोनों नेताओं ने सीजफायर पर सहमति जताई। शाम 5 बजे से यह लागू करने की बात कही गई है। ट्रंप ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है।
ट्रंप के मुताबिक मंगलवार को वाशिंगटन में अहम बैठक हुई थी। इसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 34 साल में यह पहली बार था जब इस स्तर की बातचीत हुई। इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मौजूद थे। अमेरिका ने इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
ट्रंप ने अपने बयान में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने दुनिया में 9 युद्ध सुलझाए हैं। यह उनका दसवां प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि शांति स्थापित करना उनकी प्राथमिकता है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। कई लोग इसे बड़ी कूटनीतिक पहल मान रहे हैं।
इस टकराव की जड़ फरवरी की घटना में है। 28 फरवरी को ईरान पर हमले हुए थे। इसमें कई बड़े नेताओं की मौत हुई थी। इसके बाद लेबनान से Hezbollah ने इजरायल पर हमले शुरू किए। हालात तेजी से बिगड़ गए। दोनों देशों के बीच सीधा संघर्ष शुरू हो गया।
सीजफायर सिर्फ 10 दिनों का है। यह स्थायी शांति की गारंटी नहीं है। लेकिन यह बातचीत का मौका जरूर देता है। अमेरिका अब आगे की रणनीति पर काम करेगा। ट्रंप ने अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। उनका कहना है कि स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
आने वाले 10 दिन बेहद अहम होंगे। अगर शांति बनी रहती है तो बातचीत आगे बढ़ेगी। अगर फिर से हमला हुआ तो हालात बिगड़ सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी नजर बनाए हुए है। फिलहाल उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश संयम दिखाएंगे। दुनिया इस समझौते के सफल होने का इंतजार कर रही है। First Updated : Thursday, 16 April 2026