महायुद्ध की आहट! ईरान की नई 'समुद्री दीवार' से हिला वॉशिंगटन, 24 घंटे में एक्शन की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में दो सप्ताह पहले हुआ शांति समझौता और सीजफायर पूरी तरह खटाई में पड़ गया है. दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में 24 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है. अमेरिका की मांग है कि ईरान बिना किसी देरी के होर्मुज के सभी शिपिंग चैनलों को बिना किसी शुल्क के अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए सार्वजनिक रूप से खोल दे. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर ऐसा नहीं किया गया, तो ईरान को इसके बहुत गंभीर नतीजे भुगतने होंगे और उसके लिए आने वाला समय बेहद भारी होने वाला है.

होर्मुज के अंदर 'समानांतर रास्ता' बनी विवाद की जड़

इस नए विवाद की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर रास्तों का टकराव है। ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के अंदर एक नया और अलग कॉरिडोर बना लिया है. तेहरान का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अब इसी रास्ते से गुजरना होगा, जो पूरी तरह ईरान के सैन्य नियंत्रण में रहेगा. दूसरी तरफ, अमेरिका वहां एक स्वतंत्र और वैकल्पिक व्यापारिक मार्ग चलाने की कोशिश में है. जब भी कोई कमर्शियल जहाज अमेरिका के सुझाए रास्ते से गुजरता है, तो ईरान उस पर हमला कर देता है.

खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से पलटवार किया

इसी गतिरोध के चलते पिछले चार दिनों से ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में भीषण धमाके हो रहे हैं. रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के प्रमुख पोर्ट सिटी जैसे बंदर अब्बास, केश्म, मूसा और चाबहार में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनी जा रही हैं. बदले में ईरान ने भी अमेरिकी सहयोगी खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से पलटवार किया है.

वैश्विक ऊर्जा संकट का मंडराया खतरा

बता दें कि इसी साल 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के दौरान होर्मुज ब्लॉक होने से दुनिया भर में हाहाकार मच गया था, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा (20%) इसी रास्ते से गुजरता है. एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए ईरान को स्पष्ट संदेश भेजा है कि वह सार्वजनिक तौर पर घोषणा करे कि होर्मुज सबके लिए खुला है और वह किसी भी व्यापारिक जहाज को निशाना नहीं बनाएगा.

मस्कट में अहम बैठक और अमेरिकी बमबारी

इस तनाव के बीच शनिवार को ओमान की राजधानी मस्कट में ओमान और ईरान के अधिकारियों की एक आपात बैठक होने की संभावना है, जिसमें अमेरिकी अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं. हाल ही में अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित बिजली संयंत्रों, पावर ग्रिडों और खारे पानी को मीठा बनाने वाले तटीय बुनियादी ढांचे पर विनाशकारी बमबारी की थी, ताकि ईरान की सैन्य क्षमताओं को पंगु बनाया जा सके. अब पूरी दुनिया की नजरें 24 घंटे के इस अल्टीमेटम पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से रास्ता निकलेगा या मिडिल ईस्ट एक नए महायुद्ध की आग में झुलसेगा.

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