ईरान के मिसाइल हमलों पर भड़के जेडी वेंस, बोले- 'हिंसा का जवाब सिर्फ हिंसा से'
होर्मुज स्ट्रेट में एक कमर्शियल कार्गो जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की है. जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान के सीरिक बंदरगाह के आसपास के सैन्य ढांचे को निशाना बनाया.

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है. होर्मुज स्ट्रेट में एक कमर्शियल कार्गो जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की है. अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में स्थित मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और कोस्टल रडार सिस्टम्स पर ताबड़तोड़ बमबारी की है.
दिक्कत है तो फोन करो, हिंसा नहीं'- जेडी वेंस
इस सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरान को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी. वेंस ने लिखा कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का पूरी तरह सम्मान किया है. उन्होंने साफ कहा, अगर किसी बात को लेकर कोई समस्या या विवाद है, तो आपके पास फोन है, बातचीत का रास्ता अपनाएं. लेकिन अगर हिंसा का सहारा लिया गया, तो उसका जवाब भी उसी भाषा में दिया जाएगा. हिंसा का जवाब सिर्फ हिंसा से मिलेगा.
Iran signed a ceasefire agreement. We have honored it. If they have disagreements about how the MOU is being applied, they can pick up the phone.
But violence will be met with violence. https://t.co/VWnBS1PWaV— JD Vance (@JDVance) June 26, 2026
ईरान के पास अब भी कुछ ताकत बची है-ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस टकराव पर अपनी प्रतिक्रिया दी. ट्रंप ने कहा कि हालिया अमेरिकी हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन उसके पास अब भी कुछ ताकत बची हुई है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक बड़े जहाज पर चार ड्रोन दागे थे. हमारी सेना ने तीन ड्रोन मार गिराए, लेकिन एक जहाज से टकरा गया जिससे नुकसान हुआ. इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका आगे और बड़ा हमला करेगा, तो उन्होंने संक्षिप्त उत्तर दिया, आपको जल्द ही पता चल जाएगा.
ओमान तट के पास एम/वी एवर लवली पर हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह पूरा विवाद 25 जून को शुरू हुआ जब ओमान तट के पास होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले कार्गो जहाज 'एम/वी एवर लवली' पर एक वन-वे सुसाइड ड्रोन से हमला किया गया. अमेरिका का सीधा आरोप है कि यह हमला ईरान ने किया है.
शिपिंग कॉरिडोर को लेकर विवाद
यह हमला संयुक्त राष्ट्र और ओमान द्वारा सुरक्षित समुद्री यातायात के लिए बनाए गए एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कॉरिडोर में हुआ. ईरान इस कॉरिडोर को मान्यता नहीं देता है. ईरान का दावा है कि उसने लारक आइलैंड के पास अपना एक अलग शिपिंग रूट बनाया है और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को केवल उसी रास्ते से गुजरना चाहिए.
सैन्य ढांचे को निशाना बनाया
जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान के सीरिक बंदरगाह के आसपास के सैन्य ढांचे को निशाना बनाया. वहीं, ईरान ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी नौसेना ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया है. फिलहाल दोनों पक्षों ने अपने नुकसान की सटीक जानकारी साझा नहीं की है.


