नई दिल्लीः दुबई एयर शो 2025 में भारतीय वायुसेना के पायलट की दर्दनाक मौत के बाद भी कार्यक्रम को जारी रखने का निर्णय अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवालों के घेरे में है. संयुक्त राज्य वायुसेना (USAF) के पायलट मेजर टेलर ‘फेमा’ हिएस्टर ने इस फैसले पर गहरा आश्चर्य और दुख व्यक्त किया है.
मेजर हिएस्टर ने एक भावुक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा कि उनकी टीम ने भारतीय पायलट के सम्मान में अपने अंतिम दिन के प्रदर्शन को रद्द कर दिया. उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि हादसे के बाद शो को रोक दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
यह प्रतिक्रिया विंग कमांडर नमांश स्याल की उस दुखद मौत के बाद आई, जब शुक्रवार को तेजस लड़ाकू विमान एक स्टंट के दौरान नियंत्रण खो बैठा और अल मख्तूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. स्वदेशी तेजस विमान को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया था. दुर्भाग्य से, स्याल समय रहते बाहर नहीं निकल पाए और आग की लपटों में घिरे विमान के साथ ही उनकी जान चली गई.
एमेरिकन पायलट हिएस्टर ने वीडियो देखकर अपनी पीड़ा साझा की. उन्होंने कहा कि दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि उन्हें लगा शो तुरंत रोक दिया जाएगा. लेकिन जब वे बाद में स्थल पर पहुंचे, तो वहां भीड़ पहले की तरह मौजूद थी और प्रदर्शन बिना रुके जारी थे.
इंस्टाग्राम पोस्ट में हिएस्टर (@femahiester) ने लिखा, “दुबई एयर शो के आखिरी दिन, भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल तेजस में करतब दिखाते हुए शहीद हो गए. हमारी टीम प्रदर्शन की तैयारी में थी, लेकिन दुर्घटना के बावजूद शो जारी रखने का फैसला लिया गया. ऐसे में हमने पायलट और उनके परिवार के सम्मान में उड़ान रद्द करने का निर्णय लिया.” उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के बाद भी उद्घोषक उत्साहित अंदाज में शो जारी रखते रहे और भीड़ तालियों के साथ अगली प्रस्तुतियों का आनंद लेती रही. यह देखकर उन्हें गहरा धक्का लगा.
हिएस्टर ने आगे लिखा, “यह कल्पना भी असहज कर देने वाली थी कि अगर मैं ऐसी किसी दुर्घटना में होता, तो भी शायद शो जारी रहता. कहते हैं शो चलता रहना चाहिए. लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि तुम्हारे जाने के बाद भी कोई यही कहेगा.” उनके इस बयान ने दुनियाभर के एविएशन समुदाय को सोचने पर मजबूर कर दिया कि किसी भी हादसे के बाद सम्मान और संवेदना किस हद तक प्राथमिकता होनी चाहिए.
शनिवार को विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस लाया गया, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. बाद में उन्हें उनके पैतृक गांव हिमाचल प्रदेश के पटियालकर ले जाया गया. अंतिम यात्रा के दौरान फूलों से सजे सैन्य वाहन में स्याल के अवशेष ले जाए गए, जिसके साथ सेना और स्थानीय लोगों का लंबा काफिला मौजूद था.
कांगड़ा में अंतिम संस्कार के समय उनकी पत्नी, विंग कमांडर अफशां, अपनी छह वर्ष की बेटी को गोद में लिए, रोते हुए सलामी देते नजर आईं. पूरे सैन्य सम्मान और तोपों की सलामी के बीच उनके चचेरे भाई निशांत ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं. First Updated : Monday, 24 November 2025