Donald Trump Teleprompter Fail: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में डोनाल्ड ट्रंप का भाषण एक तकनीकी गड़बड़ी के चलते कुछ देर के लिए रोचक मोड़ पर पहुंच गया. ट्रंप जैसे ही मंच की ओर बढ़े, तो वह एस्केलेटर पर रुके रहे क्योंकि वह काम नहीं कर रही थी. इसके बाद जैसे ही वे मंच पर पहुंचे, टेलीप्रॉम्प्टर ने भी काम करना बंद कर दिया. कुछ देर तक वे अगल-बगल झांकते रहे और फिर स्थिति को सहजता से संभालते हुए हंसी-मजाक के साथ भाषण की शुरुआत की.
टेलीप्रॉम्प्टर हुआ फेल, ट्रंप बोले – "दिल से बोलूंगा"
दरअसल, टेलीप्रॉम्प्टर बंद देखकर ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा, "टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं कर रहा, लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. अब मैं दिल से बोलूंगा." उन्होंने हंसते हुए जोड़ा, "जो भी इस टेलीप्रॉम्प्टर को चला रहा है, उसका हाल बहुत बुरा होने वाला है." उनके इस अंदाज ने माहौल को हल्का कर दिया और हॉल में बैठे डिप्लोमैट्स और प्रतिनिधियों की हंसी छूट गई.
डोनाल्ड ट्रंप ने UN पर भी कसा तंज
भाषण के दौरान ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा, “यूएन से मुझे आज एक टूटी हुई एस्केलेटर और खराब टेलीप्रॉम्प्टर ही मिला है. अगर यह संस्था इतनी बड़ी क्षमता रखती है, तो ये साधारण चीजें भी क्यों नहीं संभाल पाती?” उनके इस कथन पर भी उपस्थित लोग मुस्कुरा उठे.
दूसरे नेताओं के साथ भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
ट्रंप की यह स्थिति कोई नई नहीं है. इससे पहले कई बड़े विश्व नेताओं को भी सार्वजनिक मंचों पर ऐसी तकनीकी गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा है.
जस्टिन ट्रूडो – कनाडा के प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान माइक्रोफोन का कनेक्शन टूट गया था. ट्रूडो ने अपने सेंस ऑफ ह्यूमर और मुस्कान के साथ स्थिति को संभाल लिया.
बराक ओबामा – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टेलीप्रॉम्प्टर फेल हो गया था. ओबामा ने ह्यूमर और आत्मविश्वास से स्थिति संभाली और नोट्स देखकर भाषण जारी रखा.
एंजेला मर्केल – जर्मनी की पूर्व चांसलर एक सम्मेलन में प्रस्तुति दे रही थीं, तभी लाइन कट गई. मर्केल ने माइक के बिना संवाद जारी रखा और हॉल को अपनी आवाज़ से संभाला.
बोरिस जॉनसन – ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान माइक बंद हो गया था. जॉनसन ने हॉल में जोर से बोलते हुए अपना भाषण जारी रखा.
नेतृत्व में हास्य की शक्ति
इन घटनाओं से यह साबित होता है कि तकनीकी समस्याएं चाहे कितनी भी गंभीर क्यों न हों, एक सच्चे नेता का आत्मविश्वास, सहजता और हास्यबोध उसे हर स्थिति में विजेता बना सकता है. ट्रंप ने भी इसी शैली में अपने भाषण को न केवल पूरा किया बल्कि उपस्थित सभी प्रतिनिधियों का ध्यान भी आकर्षित किया.
First Updated : Tuesday, 23 September 2025