7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद जापान के तट की ओर बढ़ रही सुनामी, निकासी के आदेश जारी

जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई, जिससे तटीय इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और निकासी शुरू कर दी गई. प्रशासन ने आपातकालीन कदम उठाते हुए परिवहन सेवाएं रोकीं और संभावित नुकसान का आकलन जारी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

सोमवार को जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर आए 7.5 तीव्रता के भूकंप ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया. भूकंप के तुरंत बाद प्रशासन ने सुनामी की चेतावनी जारी कर दी, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए. इस प्राकृतिक आपदा के चलते परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा और कई स्थानों पर गतिविधियां बाधित हो गईं.

10 किलोमीटर की गहराई पर भूकंप 

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, यह भूकंप प्रशांत महासागर में लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था. इसके प्रभाव से इवाते प्रांत के कुजी बंदरगाह पर करीब 80 सेंटीमीटर ऊंची लहरें उठीं, जबकि उसी क्षेत्र के एक अन्य बंदरगाह पर लगभग 40 सेंटीमीटर की सुनामी दर्ज की गई. हालांकि ये लहरें बहुत ऊंची नहीं थीं, फिर भी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को सतर्क रहने को कहा.

प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने हालात की गंभीरता को देखते हुए एक आपातकालीन टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया. उन्होंने प्रभावित इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए निकासी आदेश जारी करते हुए कहा कि संभावित नुकसान और हताहतों का आकलन किया जा रहा है. सरकार की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके के मुताबिक, ओत्सुची और कामाशी जैसे कई तटीय शहरों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए निकासी अभियान चलाया गया. भूकंप की तीव्रता जापान के पैमाने पर ‘ऊपरी 5’ दर्ज की गई, जो इतनी शक्तिशाली मानी जाती है कि लोगों के लिए खड़ा रहना और चलना भी मुश्किल हो जाता है. कई जगहों पर कमजोर ढांचे वाली दीवारों के गिरने की भी आशंका जताई गई.

टोक्यो और आओमोरी के बीच बुलेट ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रूकीं

भूकंप के बाद एहतियातन टोक्यो और आओमोरी के बीच बुलेट ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं. वहीं, बिजली कंपनियों ने अपने संयंत्रों और अन्य सुविधाओं की जांच शुरू कर दी है. तोहोकू इलेक्ट्रिक पावर ने ओनागावा परमाणु संयंत्र का निरीक्षण भी शुरू किया है, हालांकि यह संयंत्र फिलहाल बंद है.

जापान भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जिसे “रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है. यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं. अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है, जबकि नुकसान के आकलन का काम जारी है.

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