Five Al Jazeera journalists killed: गाजा में रविवार देर रात हुए एक इज़रायली हवाई हमले में अल जज़ीरा अरबी के वरिष्ठ संवाददाता अनस अल शरीफ समेत चार अन्य पत्रकार मारे गए. यह हमला गाजा शहर के अल-शिफा अस्पताल के मुख्य द्वार के पास हुआ, जहां कई मीडियाकर्मी मौजूद थे. अस्पताल के एक अधिकारी के मुताबिक, हमले में कुल सात लोगों की जान गई, जिनमें अस्पताल के बाहर लगे एक तंबू को भी निशाना बनाया गया था.
इजरायली सेना ने पुष्टि की कि अनस अल शरीफ की मौत हवाई हमले में हुई और उन पर हमास के आतंकवादी सेल का नेतृत्व करने का आरोप लगाया. सेना का दावा है कि वह इजरायली नागरिकों और सैनिकों पर रॉकेट हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल थे. बयान में कहा गया कि अल शरीफ हमास के एक प्रमुख सदस्य थे और आईडीएफ के खिलाफ हमलों के लिए जिम्मेदार थे.
अल जज़ीरा ने बताया कि इस हमले में उनके अन्य पत्रकार मोहम्मद क़ेरीकेह, कैमरा ऑपरेटर इब्राहिम ज़हेर, मोहम्मद नौफ़ल, मोआमेन अलीवा और मोहम्मद नौफ़ल के सहायक की भी मौत हुई. हमले से कुछ देर पहले अल शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गाजा शहर के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तेज हो रही बमबारी की जानकारी दी थी. उनके आखिरी वीडियो में मिसाइल हमलों की गूंज और रात के आसमान में नारंगी रोशनी साफ देखी जा सकती थी. उन्होंने लिखा था, 'पिछले दो घंटों से गाजा शहर पर बमबारी तेज हो गई है.'
फिलिस्तीनी पत्रकार संगठनों ने इन हत्याओं की कड़ी निंदा की और इसे संघर्ष के बीच प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला बताया. संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत इरीन खान ने भी पहले अल शरीफ के खिलाफ इजरायल के आरोपों को 'निराधार' कहा था. जुलाई में पत्रकारों की सुरक्षा समिति ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से उनकी सुरक्षा की मांग की थी.
अक्टूबर 2023 में गाजा संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायल बार-बार फिलिस्तीनी पत्रकारों पर हमास से संबंध होने का आरोप लगाता रहा है. इजरायली आंकड़ों के अनुसार, युद्ध की शुरुआत हमास के नेतृत्व वाले उग्रवादियों के दक्षिणी इजरायल पर हमले से हुई, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बना लिया गया. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अब तक इजरायली हमलों में 61,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. First Updated : Monday, 11 August 2025