Museums and Monuments: अगर आप इतिहास और विरासत में दिलचस्पी रखते हैं, तो आपके लिए एक शानदार मौका है. इस बार अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (18 मई) पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने आम जनता को बड़ा तोहफा दिया है. देशभर के तमाम एएसआई संरक्षित स्मारकों और म्यूजियम्स में इस दिन किसी भी टिकट की ज़रूरत नहीं होगी. यानी आप मुफ्त में भारत की सांस्कृतिक धरोहरों का दीदार कर सकेंगे!
एएसआई ने साफ कहा है कि उसके अधीन आने वाले सभी टिकट वाले स्मारकों और 52 संग्रहालयों में 18 मई को कोई एंट्री फीस नहीं ली जाएगी. इस खास पहल का मकसद है कि लोग भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ें और इतिहास को नज़दीक से महसूस करें.
एएसआई का कहना है कि इस कदम से लोगों को हमारी धरोहर के साथ जुड़ाव महसूस होगा और बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी को इतिहास को जानने और समझने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा. खासकर युवा पीढ़ी को यह मौका इतिहास से जोड़ने का एक शानदार जरिया है.
देशभर में एएसआई के पास कुल 3,698 संरक्षित स्मारक और 52 म्यूजियम हैं, जिनमें से 26 स्थल तो यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में भी शामिल हैं. इनमें हुमायूं का मकबरा, कुतुब मीनार, एलोरा की गुफाएं, और सारनाथ जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं.
हाल ही में दिल्ली में हुमायूं के मकबरे में भारत का पहला अंडरग्राउंड म्यूजियम भी खोला गया है. वहीं, वाराणसी की ‘मानव महान वेधशाला’ में वर्चुअल अनुभव के साथ एक नया म्यूजियम शुरू हुआ है. ओडिशा में ललितागिरि पुरातत्व स्थल भी इस पहल का हिस्सा बना है.
एएसआई ने यह भी बताया कि अब उनके म्यूजियम्स में एआर (Augmented Reality) और वीआर (Virtual Reality) तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि आगंतुकों को एक नया और इंटरैक्टिव अनुभव मिल सके. यानी अब आप इतिहास को सिर्फ पढ़ेंगे नहीं, बल्कि उसे डिजिटल रूप में जी भी सकेंगे.
तो इस 18 मई को इतिहास की सैर करने के लिए तैयार हो जाइए, वो भी बिना किसी टिकट के! परिवार और दोस्तों के साथ किसी एएसआई म्यूजियम या स्मारक की यात्रा जरूर करें और अपने देश की धरोहर को करीब से जानने का अनुभव लें. यह पहल न सिर्फ मनोरंजन है बल्कि शिक्षा और संस्कृति से जुड़ाव का भी एक बेहतरीन मौका है. First Updated : Sunday, 18 May 2025