नई दिल्ली: फ्रांस का मशहूर वार्षिक संगीत उत्सव ‘फेट डे ला म्यूजिक’ इस बार जश्न से ज्यादा विवादों और सुरक्षा चिंताओं को लेकर चर्चा में आ गया. लाखों लोगों की मौजूदगी वाले इस बड़े सांस्कृतिक आयोजन के दौरान कई गंभीर घटनाओं की खबरें सामने आईं, जिनमें महिलाओं के साथ कथित यौन अपराध, सिरिंज चुभाने के मामले और कई जगहों पर हिंसक झड़पें शामिल हैं. इन घटनाओं के बाद पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
फ्रांस के विभिन्न शहरों में आयोजित इस लोकप्रिय स्ट्रीट म्यूजिक फेस्टिवल में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए थे. हालांकि रात बढ़ने के साथ कई इलाकों में हालात बिगड़ने लगे और पुलिस को लगातार हस्तक्षेप करना पड़ा. राजधानी पेरिस समेत कई शहरों से हिंसा, मारपीट और अव्यवस्था की खबरें सामने आईं. अधिकारियों के अनुसार, हालात को नियंत्रित करने के लिए पूरी रात सुरक्षा बल सक्रिय रहे और कई लोगों को हिरासत में लिया गया.
उत्सव के दौरान सामने आए सबसे गंभीर मामलों में महिलाओं को कथित तौर पर सिरिंज चुभाने की घटनाएं शामिल हैं. भीड़भाड़ वाले इलाकों में कई महिलाओं ने अचानक शरीर में सुई जैसी चुभन महसूस होने की शिकायत की. कुछ पीड़ितों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच की गई. एक महिला की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उसे आपातकालीन इलाज के लिए भर्ती कराना पड़ा. फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन घटनाओं में किसी प्रकार का पदार्थ शरीर में इंजेक्ट किया गया था या नहीं.
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न और गंभीर अपराधों से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं. पुलिस को कई शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है. कुछ रिपोर्टों में कम उम्र के लोगों के प्रभावित होने की भी बात कही गई है, हालांकि जांच पूरी होने से पहले प्रशासन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहा है.
पेरिस के कुछ प्रमुख इलाकों में भारी भीड़ के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दी. कई स्थानों पर समूहों के बीच झड़पें हुईं और चाकूबाजी जैसी घटनाओं की भी जानकारी सामने आई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों के बीच घबराहट फैल गई थी. कुछ स्थानों पर भगदड़ जैसी स्थिति बनने का भी खतरा पैदा हो गया था. घायलों की सहायता के लिए आपातकालीन सेवाओं को कई बार मौके पर पहुंचना पड़ा.
कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने माहौल को बेहद असुरक्षित बताया. एक विदेशी गवाह ने कहा कि कुछ इलाकों में भीड़ इतनी अधिक थी कि लोगों का सुरक्षित तरीके से निकलना मुश्किल हो गया था. उनके अनुसार, अचानक भड़की झड़पों और अफरा-तफरी ने लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया. कई लोग खुद को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश करते नजर आए.
फ्रांसीसी अधिकारियों के मुताबिक, पूरे देश में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 243 लोगों को गिरफ्तार किया गया. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हजारों पुलिसकर्मी, दमकलकर्मी और अन्य सुरक्षा बल तैनात किए गए थे. इसके अलावा निगरानी के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया गया. बावजूद इसके, कई विशेषज्ञों और विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया है कि पहले से मौजूद सुरक्षा चिंताओं के बावजूद क्या पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए गए थे.
फिलहाल कथित यौन अपराध, सिरिंज चुभाने की घटनाओं और हिंसक झड़पों की जांच जारी है. प्रशासन ने लोगों से अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है. इन घटनाओं के बाद फ्रांस में बड़े सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और जनसुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. आने वाले समय में इस तरह के आयोजनों के लिए सुरक्षा नियमों को और सख्त किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है. First Updated : Wednesday, 24 June 2026