बुल्गारिया की मशहूर भविष्यवक्ता बाबा वंगा के बाद अब पाकिस्तान के एक रहस्यवादी की भविष्यवाणी ने दुनिया भर में नई बेचैनी पैदा कर दी है. पाकिस्तानी आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिषी रियाज़ अहमद गौहर शाही, जिन्हें कई लोग पाकिस्तान का नास्त्रेदमस भी कहते हैं. उन्होंने पृथ्वी पर आने वाले विनाश को लेकर बड़ा दावा किया है.
उनकी मानें तो एक विशाल धूमकेतु आने वाले समय में पृथ्वी से टकराएगा, जिससे ऐसा महाविनाश होगा जो संपूर्ण मानव सभ्यता को समाप्त कर देगा. उनका कहना है कि यह घटना धरती का अंतिम दिन साबित होगी और सारी दुनिया एक ही झटके में नष्ट हो जाएगी.
रिपोर्ट के मुताबिक, गौहर शाही ने अपनी 2000 में छपी किताब “ईश्वर का धर्म (दिव्य प्रेम): ईश्वर के अनकहे रहस्य और रहस्य में इस विनाशकारी घटना का ज़िक्र किया था. पुस्तक में उन्होंने लिखा है कि एक धूमकेतु को मानवता पर पूर्ण प्रलय लाने के लिए दिव्य शक्ति द्वारा भेजा गया है. रिपोर्ट में कहा गया कि भविष्यवाणी के अनुसार यह धूमकेतु लगभग 20–25 वर्ष के भीतर पृथ्वी से टकराएगा.
इस अनुमान के आधार पर समयसीमा साल 2025 के आसपास बताई जाती है, जिसे लेकर उनके अनुयायियों में बड़ी चर्चा है. उनका मानना है कि यह टक्कर भयानक भूकंप, समुद्री तूफान और ऐसी प्राकृतिक आपदाएं लाएगी जो आधुनिक विश्व व्यवस्था को मिटा देगी.
वैज्ञानिक संस्थानों ने ऐसे दावों को खारिज किया है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और अन्य वैश्विक वेधशालाओं के अनुसार, आने वाले महीनों में किसी भी धूमकेतु या क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है. हाल ही में पृथ्वी के सबसे पास आने वाला पिंड 3I/ATLAS था, लेकिन वह भी हमारी कक्षा से काफी दूर है और किसी भी खतरे का कारण नहीं बनता.
इसके बावजूद एक नए अध्ययन में कहा गया है कि शुक्र ग्रह की स्थिति कुछ ऐसे क्षुद्रग्रहों का पता लगाने में मदद कर सकती है जो अभी सूर्य की चमक के कारण हमारी नजरों से छिपे हुए हैं, हालांकि इसमें पृथ्वी के लिए तुरंत किसी खतरे का संकेत नहीं मिलता.
रियाज़ गौहर शाही मूलतः पाकिस्तान से ताल्लुक रखते थे और लंदन में रहते हुए 2001 में अचानक लापता हो गए. उनके अनुयायियों का विश्वास है कि वे मरे नहीं, बल्कि दुनिया की निगाहों से दूर चले गए हैं और उसी भविष्यवाणी किए गए पल की प्रतीक्षा कर रहे हैं. यही कारण है कि उनके समर्थक उन्हें पाकिस्तान का नास्त्रेदमस कहकर पुकारते हैं. First Updated : Thursday, 27 November 2025