ईरान ने ट्रंप और जेडी वेंस के दावों को किया खारिज, परमाणु निरीक्षकों को लेकर कही ये बड़ी बात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अधिक व्यापक पहुंच देने पर सहमति जताई है. हालांकि, तेहरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हाल ही में हुई वार्ता के बाद परमाणु निरीक्षण को लेकर नया विवाद सामने आ गया है. बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अधिक व्यापक पहुंच देने पर सहमति जताई है. हालांकि, तेहरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.
सेफगार्ड्स एग्रीमेंट के अनुसार होंगी सभी चीजें
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ देश का सहयोग पहले से लागू समझौतों और राष्ट्रीय कानूनों के दायरे में ही जारी रहेगा. इस दौरान ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी इरना से बातचीत में उन्होंने कहा कि IAEA के साथ सभी गतिविधियां मौजूदा सेफगार्ड्स एग्रीमेंट के अनुसार संचालित होंगी.
अमेरिका की ओर से किए गए दावों को लेकर क्या बोले
बकाई ने कहा कि ईरान अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का पालन करता रहेगा, लेकिन किसी भी प्रकार का सहयोग देश की संसद द्वारा बनाए गए कानूनों और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही होगा. उनके अनुसार, अमेरिका की ओर से किए गए दावे वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते है.
अमेरिका-ईरान वार्ता
यह बयान ऐसे समय आया है जब स्विट्जरलैंड में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर दोनों देशों की ओर से अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं. इसके साथ ही वार्ता के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि बातचीत सकारात्मक रही और इससे संभावित समझौते की नींव तैयार हुई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को देश में प्रवेश देने के लिए तैयार है.
ट्रंप ने शेयर किया पोस्ट
वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक हथियार निरीक्षणों को स्वीकार करेगा. ट्रंप के अनुसार, इससे भविष्य में ईरान की परमाणु गतिविधियों पर भरोसा बढ़ेगा. हालांकि, ईरान की ताजा प्रतिक्रिया से साफ है कि वह किसी नए निरीक्षण तंत्र या अतिरिक्त प्रतिबद्धता की पुष्टि नहीं कर रहा है और फिलहाल पुराने समझौतों के तहत ही सहयोग जारी रखने की बात कह रहा है.


