नई दिल्ली: ईरान के संसद अध्यक्ष मुहम्मद बाकिर कालिबफ ने गुरुवार को अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका या इजरायल ने ईरान के किसी भी द्वीप पर हमला किया तो ईरान अपना सब्र खो देगा. गलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "वतन या मौत! ईरान के द्वीपों पर कोई भी हमला हुआ तो हमारा सब्र टूट जाएगा और फारस की खाड़ी को हमलावरों के खून से लाल कर देंगे."
कालिबफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे निशाना बनाते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिकों का खून ट्रंप की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगा. यह बयान मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच आया है, जहां तनाव चरम पर है. गलीबाफ ईरान के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं, इसलिए उनकी यह धमकी स्थिति को और गंभीर बना सकती है.
बता दें, कालिबफ ने स्पष्ट रूप से द्वीपों का नाम नहीं लिया, लेकिन हाल की रिपोर्ट्स में खर्ग द्वीप का जिक्र आया है. फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप ईरान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से ईरान अपने कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत करता है. अगर इस द्वीप पर कोई हमला हुआ तो ईरान की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ेगा.
ट्रंप ने 1988 में ब्रिटिश अखबार 'द गार्डियन' को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाज या सैनिक पर गोली चलाई तो वह खर्ग द्वीप पर बड़ा हमला करेगा और उसे कब्जे में ले लेगा. उन्होंने तब कहा था कि ईरान अमेरिका को मूर्ख बनाने की कोशिश करता है, इसलिए सख्त कार्रवाई जरूरी है. अब वर्तमान युद्ध में यह पुरानी बातें फिर चर्चा में आ गई हैं.
यह धमकी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-इजरायल के हमलों से मिडिल ईस्ट में युद्ध फैल चुका है. ईरान बार-बार कह रहा है कि वह अपनी संप्रभुता और द्वीपों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. फारस की खाड़ी दुनिया के तेल व्यापार का मुख्य रास्ता है, इसलिए यहां कोई बड़ा संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला सकता है. ईरान की यह चेतावनी युद्ध को और भड़काने वाली हो सकती है, जबकि दुनिया शांति की उम्मीद कर रही है. First Updated : Thursday, 12 March 2026