जंग के बीच ईरान में बड़ा संकट, 'माफी' पर भड़के IRGC कमांडर्स ने राष्ट्रपति को दी खुली चुनौती

ईरान में चल रही जंग के बीच सत्ता के अंदर दरार साफ दिखने लगी है. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों से माफी मांगकर हमले रोकने का भरोसा जताया, तो कट्टरपंथी गुट खफा हो उठा. दूसरी ओर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हमले जारी रखकर अंदरूनी टकराव को और साफ कर दिया.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: ईरान में युद्ध के बीच सत्ताधारी वर्ग में गहराई से फूट पड़ गई है. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान द्वारा खाड़ी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी मांगने के बयान ने कट्टरपंथी तत्वों और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में भारी नाराजगी पैदा कर दी है, जबकि हमले जारी हैं. 

राष्ट्रपति के इस कदम को कमजोरी के रूप में देखा जा रहा है, जिसके बाद उनके बयान में संशोधन किया गया. ट्रंप ने इसे आत्मसमर्पण करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है.

राष्ट्रपति पेजेशकियान का माफी वाला बयान

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा था कि मैं व्यक्तिगत रूप से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं जो ईरान की कार्रवाइयों से प्रभावित हुए हैं. और उनसे गुजारिश की थी कि वे ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों में शामिल न हों.

पेजेशकियान ने ट्रंप की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग को एक सपना कहकर खारिज कर दिया था, साथ ही कहा था कि ईरान की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने पड़ोसी राज्यों पर हमले निलंबित करने पर सहमति जताई है, जब तक कि ईरान पर हमले उनके इलाके से नहीं किए जाते.

ट्रंप की कड़ी प्रतिक्रिया

बावजूद इसके ट्रंप ने इस माफी को आत्मसमर्पण करार दिया, साथ ही कहा कि शनिवार को बहुत कड़ा प्रहार किया जाएगा और चेतावनी दी कि अमेरिका अपने हमलों का दायरा बढ़ा सकता है.

सीनियर कमांडर्स और कट्टरपंथियों में रोष

मीडिया के मुताबिक, पेजेशकियान के माफी वाले बयान ने ईरान में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी, जिसके चलते उनके कार्यालय को यह दोहराना पड़ा कि ईरान की सेना क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों से होने वाले हमलों का तगड़ा जवाब देगी. कुछ घंटों बाद, राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर अपने बयान को फिर पोस्ट किया, लेकिन अपने भाषण से माफी को हटा दिया, जिसने शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स समेत कट्टरपंथियों को नाराज कर दिया था.

कट्टरपंथी धर्मगुरु और सांसद हामिद रसाई ने X पर लिखा, 'पेजेशकियान, आपका रुख गैर-पेशेवर, कमजोर और अस्वीकार्य था.' एक पूर्व कमांडर ने सोशल मीडिया पर पेजेशकियान के बयान की निंदा की.


न्यायपालिका प्रमुख और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का रुख

न्यायपालिका के प्रमुख मोहसेनी-एजेई, जो सर्वोच्च नेता की शक्तियां अस्थायी रूप से संभालने वाली तीन सदस्यीय परिषद के एक कट्टरपंथी सदस्य हैं. कुछ क्षेत्रीय देशों की जगह का इस्तेमाल खुले तौर पर और गुप्त रूप से ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है, और जवाबी हमले जारी रहेंगे. इसके तुरंत बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक ऐलान किया कि उनके ड्रोन ने अबू धाबी के ठीक पास स्थित अल धाफरा एयर बेस पर हमला बोल दिया. ये बेस अमेरिकी एयर कमांड सेंटर का अहम ठिकाना है, जहां से खाड़ी इलाके में अमेरिकी ऑपरेशंस चलते हैं. 

IRGC का दावा है कि उनके ड्रोन ने इस सैन्य अड्डे पर सटीक निशाना साधा, जो अमेरिकी हवाई कमांड सेंटर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और अर्ली-वार्निंग रडार को निशाना बनाया गया. दुबई में भी अटैक हुआ, जिसमें एक शख्स की मौत भी हो गई. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन, दोहा में भी हमले किए.

खामेनेई के करीबी रहे एक कट्टरपंथी ने बताया है कि पेजेशकियान की बातों से रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कई सीनियर कमांडर नाराज हो गए हैं.

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