अभी तो बस ट्रेलर है! दिल्ली में मार्च से ही लू का कहर, गर्मी ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ा
दिल्ली में मार्च की शुरुआत ने ही लोगों को गर्मी का एहसास करा दिया है. शहर में चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी ने रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है. शनिवार को तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 50 सालों का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड है.

दिल्ली में मार्च की शुरुआत ने ही लोगों को गर्मी का एहसास करा दिया है. शहर में अभी से ही चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी ने रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है. शनिवार को सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस महीने के पहले सप्ताह में पिछले 50 सालों का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड है. मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को भी तापमान में कोई खास कमी आने की उम्मीद नहीं है, बल्कि आगे और बढ़ोतरी हो सकती है.
50 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
भारतीय मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सफदरजंग में मार्च के पहले सात दिनों का पिछला सबसे ऊंचा तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस था, जो 5 मार्च 1999 को दर्ज हुआ था. लेकिन इस बार शनिवार को पारा 35.7 डिग्री तक पहुंचकर उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया. यह सामान्य से करीब 7.3 डिग्री ज्यादा है. न्यूनतम तापमान भी 17.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.4 डिग्री ऊपर है. आईएमडी के पुराने आंकड़ों से पता चलता है कि 2016 में 4 मार्च को 33.6 डिग्री का दूसरा सबसे ऊंचा स्तर दर्ज हुआ था.
इस साल मार्च का औसत अधिकतम तापमान अब तक लगभग 33 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है, जो 2022 के बाद सबसे ज्यादा है. उस साल मार्च का औसत अधिकतम 33.4 डिग्री और न्यूनतम 17.6 डिग्री रहा था. दिल्ली में मार्च का अब तक का सबसे ऊंचा तापमान 40.6 डिग्री 31 मार्च 1945 को दर्ज किया गया था, लेकिन इतनी जल्दी इतनी तेज़ बढ़ोतरी असामान्य है.
AQI में भी भारी गिरावट
गर्मी के साथ-साथ शहर की हवा भी जहरीली हो गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शनिवार शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत एक्यूआई 246 तक पहुंच गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है. महज एक दिन पहले यह 170 पर 'मध्यम' स्तर पर था. पिछले तीन दिनों तक हवा 'मध्यम' श्रेणी में थी, लेकिन अचानक यह गिरावट आई. वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान बताते हैं कि अगले दो दिनों में एक्यूआई 'मध्यम' स्तर पर लौट सकता है, लेकिन मंगलवार से फिर बिगड़ने की आशंका है.
सीपीसीबी के वर्गीकरण में 201-300 के बीच 'खराब' माना जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए.
आगे क्या होगा? राहत की उम्मीद कम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में सूखी हवाएं और साफ आसमान के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है. अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 36-37 डिग्री तक जा सकता है. लोग पहले से ही गर्मी से परेशान हैं. स्कूल, ऑफिस और बाजारों में भीड़ कम हो रही है, जबकि पानी और ठंडक की मांग बढ़ गई है. यह मौसम परिवर्तन का एक और संकेत लगता है, दिल्लीवासियों को अब सावधानी बरतनी होगी. पानी ज्यादा पीना, धूप से बचना और मास्क का इस्तेमाल जारी रखना होगा.


