राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बयान पर CM ममता बनर्जी का बड़ा पलटवार, कहा- 'आप BJP के एजेंडे में फंस गईं'

ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से जुड़े एक कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह राष्ट्रपति पद का पूरा सम्मान करती हैं, लेकिन किसी भी मुख्यमंत्री के लिए हर कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं होता.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से जुड़े एक कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह राष्ट्रपति पद का पूरा सम्मान करती हैं, लेकिन किसी भी मुख्यमंत्री के लिए हर कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं होता. ममता बनर्जी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति 50 बार भी राज्य में आए, तब भी हर आयोजन में उपस्थित होना व्यावहारिक नहीं है.

मुख्यमंत्री ममता ने क्या कहा? 

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस कार्यक्रम को लेकर चर्चा हो रही है, उसके बारे में उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि इस समय वह धरने पर बैठी हुई हैं और जिस आयोजन का जिक्र किया जा रहा है, उससे संबंधित सूचना राज्य सरकार तक नहीं पहुंचाई गई थी. ममता बनर्जी का कहना है कि जब भी राष्ट्रपति राज्य में आती हैं या किसी आधिकारिक दौरे पर होती हैं तो सामान्य तौर पर राज्य सरकार को इसकी जानकारी दी जाती है. लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के बारे में न तो राज्य प्रशासन को पहले से अवगत कराया गया और न ही सरकार को आयोजन से जोड़ा गया.

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उस कार्यक्रम के आयोजन, वित्तपोषण या प्रबंधन से संबंधित किसी भी पहलू में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं थी. उनका कहना है कि यदि सरकार को इसकी जानकारी होती तो निश्चित रूप से आवश्यक व्यवस्थाएं और प्रोटोकॉल सुनिश्चित किए जाते.

भाजपा पर साधा निशाना

इस दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उन्हें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि राष्ट्रपति को कथित तौर पर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. ममता बनर्जी का आरोप है कि भाजपा की प्राथमिकता राजनीतिक लाभ है, जबकि उनकी सरकार का ध्यान केवल राज्य की जनता के हितों पर केंद्रित है.

उन्होंने राष्ट्रपति से कुछ सवाल भी उठाए। ममता बनर्जी ने कहा कि जब मणिपुर में आदिवासी समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आईं, तब राष्ट्रपति की ओर से कोई कठोर प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई. इसके अलावा उन्होंने राजस्थान और महाराष्ट्र में आदिवासियों के साथ कथित अत्याचार के मामलों का भी जिक्र किया और पूछा कि उन घटनाओं पर सवाल क्यों नहीं उठाए गए.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चुनाव से पहले इस तरह की राजनीति से बचना चाहिए. उनका कहना है कि राज्य सरकार ने किसी कार्यक्रम को रोकने का प्रयास नहीं किया और न ही उस आयोजन से उसका कोई सीधा संबंध था.

द्रौपदी मुर्मू ने क्यों नाराजगी जताई? 

दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पश्चिम बंगाल में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने पहुंची थीं. इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल के छोटे होने पर नाराजगी जताई थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि तय प्रोटोकॉल के अनुसार उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री मौजूद नहीं था. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन देश के राष्ट्रपति के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाना आवश्यक है.

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