ईरान ने खत्म की अटकलें, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम जारी

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन की तारीखों का आखिरकार ऐलान कर दिया गया है. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, 9 जुलाई को खामेनेई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन की तारीखों का आखिरकार ऐलान कर दिया गया है. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से राजधानी तेहरान में शुरू होंगे और 9 जुलाई को उनके गृहनगर मशहद में दफन के साथ संपन्न होंगे. 

खामेनेई का निधन कब हुआ था? 

खामेनेई की मौत फरवरी में हुए अमेरिकी और इजराइली हमलों के दौरान हुई थी, लेकिन क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा कारणों के चलते उनका अंतिम संस्कार कई महीनों तक टलता रहा. रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई का निधन 28 फरवरी को हुए हमले में हुआ था. उनकी मौत के बाद ईरान के राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव आया, क्योंकि उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक देश की सर्वोच्च सत्ता संभाली थी. हालांकि उनकी मृत्यु के तुरंत बाद अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू नहीं हो सकी, क्योंकि उस समय क्षेत्र में संघर्ष और अस्थिरता का माहौल बना हुआ था.

शुरुआत में ईरानी प्रशासन ने संकेत दिया था कि अंतिम संस्कार का आयोजन मुहर्रम की शुरुआत में किया जाएगा. लेकिन बाद में इस योजना में बदलाव किया गया. तेहरान के मेयर अलीरेजा जकानी ने बताया कि मुहर्रम के पहले दस दिनों को इमाम हुसैन की शहादत की याद में शोक मनाने के लिए समर्पित किया जाता है. इसलिए खामेनेई के अंतिम संस्कार को उस अवधि के बाद आयोजित करने का फैसला लिया गया.

कब किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक? 

नई योजना के तहत 4 जुलाई से तेहरान में तीन दिनों तक श्रद्धांजलि और अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम होंगे. इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर कोम में एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा. अंततः 9 जुलाई को खामेनेई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. अधिकारियों का अनुमान है कि इस दौरान लाखों लोग विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं.

दफन कार्यक्रम में देरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. सुरक्षा चिंताओं, क्षेत्रीय संघर्ष, उनके पार्थिव अवशेषों से जुड़ी व्यवस्थाओं और सत्ता हस्तांतरण को लेकर चल रही चर्चाओं ने प्रक्रिया को प्रभावित किया. खास तौर पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को संभावित उत्तराधिकारी बनाए जाने की अटकलें भी लंबे समय तक चर्चा में रहीं.

अब लगभग चार महीने से अधिक समय बाद अंतिम संस्कार की तारीख तय होने के साथ ईरान एक ऐसे नेता को औपचारिक विदाई देने की तैयारी कर रहा है, जिसने देश की राजनीति, विदेश नीति और धार्मिक व्यवस्था पर दशकों तक गहरा प्रभाव डाला.

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