Iran strikes back Israel: ईरान और इजरायल के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. शनिवार को ईरान ने इजरायल पर दूसरी बार मिसाइल हमला कर पूरी दुनिया को चौंका दिया. यह हमला इजरायल के ऑपरेशन राइजिंग लायन के जवाब में किया गया, जिसमें 78 से ज़्यादा लोग मारे गए और 320 से अधिक घायल हुए. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस हमले का पूरा हिसाब चुकता करेगा और इजरायल को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इसराइली कार्रवाई को गंभीर अपराध बताया और स्पष्ट कर दिया कि "हम उन्हें इसके परिणामों से नहीं बचने देंगे." दूसरी ओर, इजरायल ने हमले के बाद अपने नागरिकों को शरण लेने की चेतावनी दी थी. हालांकि बाद में सैन्य आकलन के आधार पर यह घोषणा की गई कि लोग अपने शरणस्थलों से बाहर निकल सकते हैं, लेकिन उन्हें सतर्क रहने को कहा गया.
शनिवार को तेहरान ने इजरायल के खिलाफ दूसरी मिसाइल स्ट्राइक की पुष्टि की. ईरान के संयुक्त राष्ट्र दूत के अनुसार, यह हमला ऑपरेशन राइजिंग लायन की प्रतिक्रिया थी, जिसमें ईरानी क्षेत्र पर अभूतपूर्व हवाई हमला हुआ था. इस हमले में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए थे.
ईरानी सेना ने हमले का एक वीडियो जारी करते हुए चेतावनी दी, "जब आख़िरी तलवार चलेगी, तब देखेंगे कौन बचा रहेगा."
ईरानी मिसाइलों की पहचान होते ही इजरायली सेना ने तुरंत नागरिकों को अलर्ट जारी किया और सुरक्षित स्थानों में जाने को कहा. सेना ने कहा, "थोड़ी देर पहले, इजरायल के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए, जब ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों की पहचान हुई. हमारी वायुसेना खतरों को खत्म करने के लिए कार्रवाई कर रही है."
कुछ समय बाद, सेना ने स्थिति के मूल्यांकन के बाद कहा कि शरणस्थल छोड़ना सुरक्षित है, लेकिन नागरिकों को पास ही रहने की सलाह दी गई.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "सोचना मत कि उन्होंने हमला किया और मामला ख़त्म. नहीं, उन्होंने शुरुआत की है और जंग शुरू की है. हम उन्हें इस बड़े अपराध की सज़ा ज़रूर देंगे."
इस खतरनाक संघर्ष की शुरुआत हुई इजरायल के अब तक के सबसे बड़े सैन्य अभियान से, जिसे 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' कहा गया. गुरुवार रात, इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों और ड्रोन की मदद से ईरान के भीतर कई अहम ठिकानों पर हमला किया. इनमें परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी साइट्स, बैलिस्टिक मिसाइल संयंत्र और सैन्य मुख्यालय शामिल थे.
इन हमलों में कई उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए. इस हमले ने ईरान को उकसाया और जवाबी तौर पर शुक्रवार रात उसने तेल अवीव समेत इजरायल के कई हिस्सों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए दुनिया भर के नेताओं ने चिंता जताई है और शांति की अपील की है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के विपक्षी नेता कीर स्टारमर ने तत्काल संघर्ष विराम की मांग की है. हालांकि ईरान ने इन अपीलों को खारिज करते हुए कहा कि दशकों से फिलिस्तीनी मुद्दे पर चुप्पी ने ही आज हालात को यहां तक पहुंचाया है. First Updated : Saturday, 14 June 2025