नई दिल्ली: ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान अस्पतालों में भारी अफरा-तफरी मच गई. ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने हाल ही में CCTV फुटेज जारी किया है, जिसमें हमले के समय मेडिकल स्टाफ मरीजों को सुरक्षित जगह पर ले जाते दिख रहे हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
वीडियो में एक नर्स तीन नवजात शिशुओं को गोद में लेकर तेजी से सुरक्षित स्थान की ओर भागती दिख रही है. दूसरी क्लिप में जन्म के कुछ ही मिनट बाद एक शिशु को एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा है. स्टाफ ने छोटे-छोटे बच्चों को फलों की टोकरियों में रखकर खतरे से बाहर निकाला.
ये दृश्य मार्च की शुरुआत के हैं, जब अस्पताल के आसपास हवाई हमले हो रहे थे. लोगों के भागने और स्टाफ की भागदौड़ के ये फुटेज देखकर दिल दहल जाता है. ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, हमलों में कई स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हुए हैं.'
यह घटना अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी 2026 को शुरू किए गए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के शुरुआती दिनों की है. इसके बाद ईरान और दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया. होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में नौसेना के बीच बार-बार टकराव हो रहे हैं.
इस संघर्ष के कारण क्षेत्र में तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. अमेरिका ने ईरानी तेल से जुड़े टैंकर जब्त किए, जबकि ईरान ने जवाब में कुछ मालवाहक जहाजों पर कब्जा कर लिया. इससे समुद्री रास्तों पर अराजकता फैल गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी छोटी नावों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए और जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें हटाने के अभियान तेज कर दिए. इस बीच व्हाइट हाउस में बातचीत के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष-विराम को कुछ समय के लिए बढ़ाने की घोषणा की गई है, हालांकि लड़ाई पूरी तरह थमी नहीं है.
ईरान का कहना है कि उसके नेतृत्व में कोई फूट नहीं है और देश एकजुट है. हालांकि, स्वास्थ्य सुविधाओं पर हुए हमलों के ये वीडियो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा रहे हैं. First Updated : Friday, 24 April 2026