Iran Israel war : इजरायली PM नेतन्याहू के ऑफिस और वायुसेना बेस पर हमला...ईरान का बड़ा दावा
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि नेतन्याहू के दफ्तर और वायुसेना कमांडर के ठिकाने पर मिसाइलों से हमला किया. खामेनेई की मौत के बाद युद्ध तेज होता दिख रहा है. अब क्षेत्र में युद्ध तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है और मौतों का सिलसिला जारी है.

नई दिल्ली : ईरान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय पर मिसाइल हमला किया है. आईआरजीसी ने इसे आश्चर्यजनक हमला बताया और कहा कि इजरायली वायुसेना कमांडर का ठिकाना भी निशाना बनाया गया. नेतन्याहू की स्थिति अस्पष्ट बताई जा रही है. यह हमला तब हुआ जब अमेरिका-इजरायल ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को मार गिराया. अब क्षेत्र में युद्ध तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है और मौतों का सिलसिला जारी है.
नेतन्याहू के दफ्तर पर सीधा हमला
आपको बता दें कि ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि दसवें चरण में शेखन बैलिस्टिक मिसाइलों से नेतन्याहू के कार्यालय और इजरायली वायुसेना कमांडर के स्थान को निशाना बनाया गया. आईआरजीसी ने इसे आश्चर्यजनक हमला करार दिया और कहा कि नेतन्याहू की हालत स्पष्ट नहीं है. इजरायल की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. यह हमला खामेनेई की हत्या के जवाब में आया माना जा रहा है.
परमाणु स्थलों पर बढ़ती चिंता
आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने ईरान के परमाणु ठिकानों की स्थिति को बहुत चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि रेडियोलॉजिकल रिसाव हो सकता है जिससे बड़े शहरों जितने इलाकों को खाली करना पड़ सकता है. ईरान के राजदूत रजा नजफी ने कहा कि अमेरिका-इजरायल ने नतांज सुविधा पर हमला किया. ईरान से संपर्क का प्रयास जारी है लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
हिजबुल्लाह का युद्ध में प्रवेश
लेबनान में हिजबुल्लाह ने एक साल पुरानी नाजुक संधि टूटने के बाद इजरायल पर रॉकेट दागे. यह कार्रवाई खामेनेई की मौत का बदला बताई गई. इजरायल ने बेरूत के दक्षिण में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले किए. लेबनानी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम 31 लोग मारे गए. इजरायल के सैन्य प्रमुख ने लंबे संघर्ष की तैयारी की अपील की.
बढ़ता जा रहा मौतों का आंकड़ा
तीन दिनों से जारी संघर्ष में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. इजरायल और अमेरिका ने ईरान में हजारों हवाई हमले किए जिसमें तेहरान भी शामिल है. ईरान ने इजरायल और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए. कुवैत में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए. इजरायल में नौ लोग मारे गए. ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हमले में 115 मौतें हुईं जिनमें बच्चियां शामिल हैं.


