अमेरिका और इजरायल को ईरान की सख्त चेतावनी, कहा ‘हमले किए तो नए मोर्चे खोलेंगे’

ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने तेहरान के वलियास्र स्क्वायर में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान को न तो घेरा जा सकता है और न ही हराया जा सकता है।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: ईरान ने मंगलवार, 19 मई 2026 को अमेरिका और इजरायली सेनाओं को फिर से सैन्य कार्रवाई करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि अगर उस पर दोबारा हमला हुआ तो उसकी सेनाएं नए तरीकों और नए औजारों के साथ जवाब देंगी और दुश्मन के खिलाफ नए मोर्चे खोल दिए जाएंगे।

तेहरान में हुई जनसभा में सेना प्रवक्ता का बयान   

आपको बताते चलें कि ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने तेहरान के वलियास्र स्क्वायर में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान को न तो घेरा जा सकता है और न ही हराया जा सकता है।

उन्होंने फारस की खाड़ी में अमेरिकी घेराबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर दुश्मन ने फिर कोई गलती की और इजरायल के जाल में फंसकर ईरान पर हमला किया तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा।

युद्धविराम को तैयारी का वक्त बनाया   

ब्रिगेडियर जनरल अकरमिनिया ने बताया कि ईरान की सेनाओं ने युद्धविराम की अवधि को सैन्य तैयारी के तौर पर इस्तेमाल किया है। इस दौरान ऑपरेशनल तैयारी को बढ़ाया गया और युद्धक क्षमताओं को मजबूत किया गया। उन्होंने कहा कि हमने युद्धविराम को युद्ध के समय की तरह लिया और अपनी लड़ाकू शक्ति को और बढ़ाया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरा नियंत्रण   

सेना प्रवक्ता ने दावा किया कि ईरान की सेनाओं का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरा नियंत्रण है। यह रणनीतिक जलमार्ग अब अपनी पुरानी ऑपरेशनल स्थिति में वापस नहीं जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि विरोधियों के पास अब एक ही रास्ता है कि वे ईरानी राष्ट्र का सम्मान करें और इस्लामिक गणराज्य ईरान के वैध अधिकारों को स्वीकार करें।

ट्रंप ने टाला ईरान पर हमला   

इससे पहले सोमवार, 19 मई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईरान पर होने वाले हमले को कुछ समय के लिए टाल दिया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को लेकर ईरान के साथ बड़ी चर्चाओं के बाद यह फैसला लिया गया। ट्रंप ने बताया कि सऊदी अरब, कतर, यूएई और कुछ अन्य देशों ने अमेरिका से कार्रवाई कुछ दिन टालने का अनुरोध किया था।

इन देशों का मानना है कि बातचीत किसी समझौते के करीब पहुंच रही है। ट्रंप ने यह भी कहा कि यह एक सकारात्मक घटनाक्रम है और अगर बमबारी के बिना मसला हल हो जाता है तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने बताया कि कई देश अमेरिकी अधिकारियों और ईरान के साथ सीधे बात कर रहे हैं ताकि कूटनीतिक हल निकाला जा सके। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि शायद हमला हमेशा के लिए टल जाए।

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