अमेरिकी विमानवाहक पोत 'अब्राहम लिंकन' पर ईरान ने किया हमला...US ने किया खारिज

पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है. ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल हमले का दावा किया है. खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए ईरान अब जमीन और समंदर में भीषण हमले कर रहा है. वहीं यू.एस. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि मिसाइलें जहाज के करीब भी नहीं पहुंचीं. लिंकन लगातार अपने अभियान को जारी रखे हुए है और विमान लॉन्च कर रहा है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में अमेरिका. इजरायल और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब एक विनाशकारी युद्ध का रूप लेता जा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद तेहरान ने बदले की आग में जलते हुए 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में ईरानी मीडिया ने अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन को निशाना बनाने का बड़ा दावा किया है. हालांकि वाशिंगटन ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है. पर खाड़ी देशों में मची अफरा-तफरी गंभीर संकेत दे रही है.

अमेरिका ने दावों को किया खारिज 

आपको बता दें कि ईरानी सरकारी न्यूज एजेंसी इर्ना और आईआरजीसी के मुताबिक. 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं. यह वही युद्धपोत है जिसने हाल ही में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में मुख्य भूमिका निभाई थी. हालांकि,  यू.एस. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि मिसाइलें जहाज के करीब भी नहीं पहुँचीं. लिंकन लगातार अपने अभियान को जारी रखे हुए है और विमान लॉन्च कर रहा है.

मुस्लिम दुनिया के खिलाफ युद्ध की खुली घोषणा

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को पूरी मुस्लिम दुनिया के खिलाफ युद्ध की खुली घोषणा बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने सर्वोच्च नेता की शहादत का बदला लेना अपना पवित्र कर्तव्य और कानूनी अधिकार मानता है. ईरान की सेना ने घोषणा की है कि वे अब संघर्ष के एक 'नए और खतरनाक चरण' में प्रवेश कर चुके हैं. जहाँ जमीन और समुद्र दोनों ही मोर्चों पर अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर हमले तेज किए जाएंगे.

 

खाड़ी के प्रमुख शहरों में दहशत

रविवार को ईरान की ओर से किए गए बड़े पैमाने के हमलों से पूरा खाड़ी क्षेत्र दहल उठा है. रियाद. दुबई. अबू धाबी. दोहा. मनामा. यरुशलम और तेल अवीव जैसे प्रमुख शहरों में भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं. सोशल मीडिया पर वायरल होती आग और धुएं की तस्वीरों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इजरायली राहत सेवाओं के अनुसार. ताजा मिसाइल हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है. जिससे आम नागरिकों में भारी दहशत है.

इजरायल का 'पहला कदम' अभियान

इजरायल ने खामेनेई की मौत को अपनी बड़ी सैन्य रणनीति का महज 'पहला कदम' करार दिया है. इजरायली सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने खुलासा किया कि एक संयुक्त खुफिया अभियान के तहत महज एक मिनट के भीतर 40 वरिष्ठ ईरानी कमांडरों को खत्म कर दिया गया. यह हमला दो अलग-अलग स्थानों पर किया गया था जो इजरायल की सीमा से हजार मील से भी अधिक दूर थे. इजरायल का यह दावा ईरान के सैन्य नेतृत्व और उसके पूरे सुरक्षा ढांचे के लिए बहुत बड़ी चुनौती है.

वैश्विक शांति पर गहराता संकट

ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि वे अमेरिका और इजरायल को उनकी इस नई आक्रामकता पर पछताने के लिए मजबूर कर देंगे. इस सैन्य टकराव ने न केवल मध्य पूर्व. बल्कि पूरी दुनिया की शांति और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है. जहाँ एक तरफ कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह विफल होते दिख रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ बढ़ती मिसाइल बारिश भविष्य में एक भीषण युद्ध की ओर इशारा कर रही है. दुनिया अब सांसें थामकर क्षेत्र के अगले घटनाक्रम का इंतजार कर रही है.

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