मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. ऐसे में ईरान ने हाल ही में अपने एक अंडरग्राउंड ‘मिसाइल सिटी’ का वीडियो जारी कर पूरी दुनिया को चौंका दिया. इस वीडियो में भारी मात्रा में मिसाइलें दिख रही हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि ईरान किसी बड़े हमले की तैयारी कर सकता है. लेकिन इस वीडियो में सुरक्षा व्यवस्था की भारी कमी भी नजर आ रही है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
ईरान की सरकारी मीडिया ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया, जिसमें उसके भूमिगत मिसाइल भंडार को दिखाया गया. इसमें ईरान की कुछ सबसे घातक मिसाइलों और रॉकेटों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें ख़ैबर शेकन, ग़दर-एचएस, सेजिल्स और हज कासेम जैसी मिसाइलें शामिल हैं. इस वीडियो में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर अमीर अली हाजीज़ादेह और ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ़ स्टाफ़ मेजर जनरल मोहम्मद होसैन बाघेरी को सुरंगों में चलते हुए देखा जा सकता है.
जहां एक ओर इस वीडियो ने दुनिया भर में हलचल मचा दी, वहीं दूसरी ओर इसने ईरान की एक बड़ी कमजोरी को भी उजागर कर दिया. वीडियो में दिखाया गया कि इन मिसाइलों को लंबी सुरंगों और बड़े भूमिगत कमरों में बिना किसी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के रखा गया है. आमतौर पर इस तरह के हथियारों के भंडारण के लिए मजबूत दरवाजे और सुरक्षा दीवारें बनाई जाती हैं ताकि किसी हमले की स्थिति में बड़े विस्फोटों से बचा जा सके. लेकिन ईरान के इस मिसाइल भंडार में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं दिखी. अगर इस पर कोई हमला होता है, तो इससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है.
ईरान के इस वीडियो के सामने आने के बाद अमेरिका और इजराइल की चिंता और बढ़ गई है. इजराइल पहले ही गाजा, सीरिया और लेबनान पर हमले कर रहा है, जबकि अमेरिका यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर बमबारी कर रहा है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर उसने अमेरिका या इजराइल के खिलाफ कोई भी कदम उठाया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
ईरान की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए अमेरिका ने अपनी सैन्य तैनाती भी बढ़ा दी है. रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अमेरिकी नौसेना के यूएसएस कार्ल विंसन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को आदेश दिया कि वह मध्य पूर्व में तैनात यूएसएस हैरी एस. ट्रूमैन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में शामिल हो जाए. इसके अलावा, हाल ही में हिल एयर फोर्स बेस से एक दर्जन एफ-35 लड़ाकू विमान इस क्षेत्र में पहुंचे हैं.
ईरान की ओर से जारी किए गए इस वीडियो को एक बड़े खतरे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ शक्ति प्रदर्शन भी हो सकता है. लेकिन अगर ईरान इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल करता है, तो इससे मध्य पूर्व में भयानक युद्ध छिड़ सकता है. First Updated : Wednesday, 26 March 2025