नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान की सख्त चेतावनियों और अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले की धमकियों के बीच अमेरिका अपने प्रमुख ठिकानों से सैनिकों और कर्मचारियों को सुरक्षित वापस बुला रहा है. खबरों के मुताबिक, बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने यह कदम उठाया है.
एक प्रमुख समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरान ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन ने कोई हमला किया, तो ईरान अमेरिकी बेस पर जवाबी कार्रवाई करेगा.
ईरान में क्या हो रहा है?
ईरान इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. पिछले दो हफ्तों से देश में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. इन प्रदर्शनों ने सरकार को हिला दिया है. इसी बीच अमेरिका से लगातार सैन्य कार्रवाई की धमकियां आ रही हैं.
ईरान ने इसका जवाब देते हुए पड़ोसी देशों जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की को सावधान किया है. ईरान का कहना है कि इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को वह निशाना बना सकता है, अगर अमेरिका ने पहले हमला किया.
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी या कोई गलत कदम उठाया, तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा. ट्रंप की यह बात ईरान के लिए सीधी चुनौती है. इसी बीच अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को मध्य पूर्व के प्रमुख बेस से वापस बुलाने का फैसला लिया है. यह कदम ईरान की धमकियों से उपजे डर को दर्शाता है.
ईरानी न्यायपालिका का रुख
ईरान की न्याय व्यवस्था ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तेज कार्रवाई के संकेत दिए हैं. न्यायपालिका के प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने एक वीडियो बयान में कहा कि अगर कोई कार्रवाई करनी है, तो उसे तुरंत किया जाना चाहिए. देरी से इसका असर कम हो जाता है.
सरकारी टीवी पर साझा किए गए इस बयान को ट्रंप की चेतावनी का जवाब माना जा रहा है. ईरान ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों पर तेज सुनवाई और सख्त सजा की बात कही है, जिसमें फांसी भी शामिल हो सकती है. First Updated : Wednesday, 14 January 2026