ईरान ने 1 अप्रैल से अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल और अल्फाबेट पर हमले की दी धमकी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी जारी की है कि किसी भी हत्या के जवाब में वह अमेरिका से जुड़ी कंपनियों को निशाना बनाएगा.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्थिति और गंभीर होती जा रही है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी हमले या हत्या के जवाब में वह अमेरिका से जुड़ी कंपनियों को निशाना बना सकता है. इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसमें कई बड़ी वैश्विक कंपनियों का नाम भी शामिल किया गया है.

आईआरजीसी ने संदेश में क्या कहा? 

आईआरजीसी ने अपने संदेश में स्पष्ट तौर पर कहा कि ऐप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और टेस्ला जैसी 18 कंपनियों से जुड़े प्रतिष्ठानों को संभावित खतरा हो सकता है. संगठन ने इन कंपनियों के कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे अपने कार्यस्थलों को तुरंत छोड़ दें. साथ ही, उन इलाकों में रहने वाले लोगों से भी अपील की गई है कि वे कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं. यह चेतावनी तेहरान समयानुसार 1 अप्रैल की रात 8 बजे से लागू करने की बात कही गई है.

आईआरजीसी ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी “आतंकवादी कार्रवाई” का जवाब सख्ती से दिया जाएगा और संबंधित ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. इस तरह की सख्त भाषा से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं और संघर्ष और गहरा सकता है.

अमेरिका का सख्त रुख 

दूसरी ओर, अमेरिका ने भी ईरान को लेकर अपना रुख सख्त कर लिया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि ईरान को अमेरिका के साथ समझौता करना होगा, अन्यथा उसे कड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिन इस संघर्ष के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं और यह टकराव केवल अमेरिकी शर्तों पर ही समाप्त होगा.

हेगसेथ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख को दोहराते हुए कहा कि ट्रंप अपने फैसलों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और ईरान को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. उन्होंने ईरान के नए नेतृत्व को सलाह दी कि वह पिछले नेतृत्व की तुलना में अधिक समझदारी दिखाए और बातचीत के रास्ते को चुने. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका फिलहाल जमीनी सेना उतारने की योजना नहीं बना रहा, लेकिन जरूरत पड़ने पर किसी भी विकल्प से इनकार नहीं किया जा सकता.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो