‘तुमसे पैसे नहीं लेंगे’ ईरान ने इस देश के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट फ्री में पार करने की दी अनुमति
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया नियम बनाया है. सभी जहाजों ट्रांजिट फीस वसूलना चाहता है, लेकिन सिर्फ एक देश को छोड़कर. इस देश के लिए उसने फ्री पास दिया है.

नई दिल्ली: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया नियम बनाया है. अब वह कमर्शियल जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूलने की योजना बना रहा है, लेकिन एक खास देश को इस फीस से पूरी छूट दे दी गई है. और वो देश है मलेशिया, जिसे ईरान ने खास छूट दी है.
मलेशिया को मिली फ्री पास
ईरान ने मलेशिया के सभी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से बिना किसी फीस के गुजरने की अनुमति दे दी है. ईरान के राजदूत वलीओल्लाह मुहम्मदी नसराबादी ने मंगलवार को कहा कि मलेशियाई जहाजों से कोई टोल या फीस नहीं ली जाएगी.
राजदूत ने स्थानीय मीडिया को बताया कि मलेशिया एक मित्र देश है. इसलिए उसके जहाज बिना किसी रोक-टोक के होर्मुज स्ट्रेट से गुजर सकेंगे. उन्होंने साफ कहा, “हम मलेशियाई जहाजों से पैसे नहीं लेंगे.”
मलेशिया के सात जहाज तैयार
मलेशिया के कम से कम सात टैंकर और जहाज फिलहाल फारस की खाड़ी में हैं. ये जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार करके अपनी यात्रा पूरी करना चाहते हैं. मलेशिया के परिवहन मंत्री एंथनी लोक ने भी पुष्टि की कि ईरान सरकार ने उनके जहाजों पर कोई टोल नहीं लगाया है.
दोस्ती का आधार
ईरानी राजदूत ने कहा कि मलेशिया और ईरान के बीच अच्छे कूटनीतिक संबंध हैं. मित्र देशों को होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल करने की पूरी छूट है. उन्होंने जोर देकर कहा कि स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं किया गया है. यह सिर्फ उन देशों के लिए बंद है जो ईरान पर हमला कर रहे हैं.
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जल मार्गों में से एक है. यहां से रोजाना लाखों बैरल तेल और गैस गुजरती है, लेकिन 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट पर कुछ पाबंदियां लगा दी थी.
इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई और कीमतों में उछाल आया. ईरान ने कुछ देशों को खास छूट दी है. इनमें भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक शामिल हैं. अब मलेशिया को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है.
आपदा में अवसर
ईरान इस संकट को अवसर में बदलते हुए होर्मुज स्ट्रेट से फीस वसूलने की व्यवस्था बना रहा है, लेकिन मित्र देशों के साथ वह दोस्ती निभा रहा है और उन्हें फ्री पास दे रहा है. यह फैसला दिखाता है कि ईरान कूटनीति और आर्थिक हित दोनों को साथ-साथ चलाने की कोशिश कर रहा है.


