ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच अब रूस का नाम भी चर्चा में आ गया है। अमेरिका को डर है कि अगर रूस खुलकर ईरान के साथ खड़ा हो गया तो यह युद्ध और बड़ा रूप ले सकता है। इसी वजह से वॉशिंगटन ने मॉस्को को साफ संदेश भेजा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि रूस इस युद्ध में शामिल हो। उनका कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो हालात और जटिल हो सकते हैं। इसलिए अमेरिका पहले ही रूस को चेतावनी देकर स्थिति को नियंत्रित रखना चाहता है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे बातचीत की है। यह बातचीत काफी सख्त बताई जा रही है। ट्रंप ने साफ कहा कि रूस को ईरान के साथ इस युद्ध में कूदने से बचना चाहिए। अमेरिका का मानना है कि अगर रूस इसमें शामिल हुआ तो संघर्ष का दायरा और बढ़ सकता है। इसलिए इस स्तर की बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस पहले से ही यूक्रेन युद्ध में उलझा हुआ है। अगर वह ईरान के साथ खुलकर खड़ा होता है तो यह पश्चिमी देशों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। इससे अमेरिका और रूस के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है। यही वजह है कि वॉशिंगटन इस स्थिति को लेकर पहले से सतर्क है। अमेरिका चाहता है कि यह युद्ध मिडिल ईस्ट तक सीमित रहे।
अमेरिका को यह भी चिंता है कि अगर रूस ने ईरान को सैन्य या राजनीतिक समर्थन दिया तो क्षेत्रीय संतुलन बदल सकता है। इससे मध्य पूर्व में नई रणनीतिक स्थिति पैदा हो सकती है। कई देशों के लिए यह स्थिति अस्थिरता बढ़ाने वाली होगी। इसलिए अमेरिका लगातार रूस को इस युद्ध से दूर रहने की सलाह दे रहा है।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अमेरिका और रूस के बीच नए तनाव की शुरुआत भी बन सकता है। यूक्रेन युद्ध पहले से ही दोनों देशों के संबंधों को तनावपूर्ण बना चुका है। अगर ईरान मुद्दे पर भी टकराव बढ़ता है तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। इसलिए दोनों देशों के बीच बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है।
मौजूदा हालात में दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि रूस इस संघर्ष में क्या भूमिका निभाता है। अगर मॉस्को तटस्थ रहता है तो हालात कुछ हद तक नियंत्रित रह सकते हैं। लेकिन अगर रूस ईरान के पक्ष में खुलकर सामने आता है तो यह संकट और बड़ा हो सकता है। इसलिए वैश्विक राजनीति में यह मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल अमेरिका और रूस दोनों ही इस संघर्ष को सीमित रखने की कोशिश करेंगे। लेकिन युद्ध की स्थिति अक्सर अनिश्चित होती है। छोटे फैसले भी बड़े परिणाम ला सकते हैं। इसलिए आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि रूस इस पूरे संकट में किस तरह का रुख अपनाता है। First Updated : Tuesday, 10 March 2026