होर्मुज में भारतीय जहाजों पर चली गोलियां! ईरानी सुप्रीम लीडर ने दिया बड़ा बयान

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि, डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ईरान इस मामले को और ज़्यादा बढ़ाना नहीं चाहता और वह इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि, डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने रविवार (19 अप्रैल 2026) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में भारत के झंडे वाले दो जहाज़ों पर कथित तौर पर हुई गोलीबारी को लेकर जताई जा रही चिंताओं को कम करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में विस्तार रूप से कोई जानकारी नहीं।

ईरान ने खारिज किया दावा 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में एक नामी मीडिया एजेंसी से जहाज़ों पर हुई गोलीबारी को लेकर बातचीत करते हुए हकीम इलाही ने स्पष्ट कहा, “ईरान और भारत के बीच रिश्ते बहुत मज़बूत हैं, और जिस घटना का आपने ज़िक्र किया है, उसके बारे में मुझे कुछ भी पता नहीं है। हमें उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा और इस मामले का कोई न कोई हल निकल आएगा।”

साथ ही डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ईरान इस मामले को और ज़्यादा बढ़ाना नहीं चाहता और वह इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया, “हम यह युद्ध नहीं चाहते। हम शांति चाहते हैं और हमें उम्मीद है कि दूसरा पक्ष भी शांति का ही रास्ता अपनाएगा, ताकि हम इस क्षेत्र में शांति बनाए रख सकें।”

भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी 

आपको बताते चलें कि विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार शनिवार (19 अप्रैल 2026) को भारत के झंडे वाले दो व्यापारिक जहाज़ों (जिनमें एक सुपरटैंकर भी शामिल था) पर गोलीबारी की गई। ये जहाज़ होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने की कोशिश कर रहे थे। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा की गई गोलीबारी के बाद इन जहाज़ों को अपना रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा।

इस सुपरटैंकर में लगभग 20 लाख बैरल इराकी तेल लदा हुआ था। ऑडियो इंटरसेप्ट से पता चला है कि जब जहाज़ों को पश्चिम की ओर मोड़ा जा रहा था, तब IRGC की गनबोट्स ने उन पर गोलीबारी की थी। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) केंद्र ने भी इस बात की पुष्टि की है कि IRGC की दो गनबोट्स ने इस जलडमरूमध्य में मौजूद एक टैंकर पर गोलीबारी की थी।

भारत ने जताई ‘गहरी चिंता’ 

भारत ने इस घटना पर अपनी “गहरी चिंता” जताते हुए, औपचारिक विरोध दर्ज कराने के लिए ईरानी राजदूत को तलब किया। एक सरकारी सूत्र ने बताया कि इस घटना में शामिल जहाजों में से एक की पहचान ‘सैनमार हेराल्ड’ के रूप में हुई है; सूत्र ने यह भी बताया कि जहाज और उस पर मौजूद चालक दल सुरक्षित हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि भारत के शीर्ष विदेश मंत्रालय अधिकारी ने राजदूत से आग्रह किया कि वे नई दिल्ली की चिंताओं को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाएं और भारत आने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग को जल्द से जल्द फिर से शुरू करने की मांग की। राजदूत ने आश्वासन दिया कि इन चिंताओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।

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