Greta Thunberg in Israeli custody: इजरायल ने बुधवार को गाजा की ओर जा रही एक प्रॉ-पालेस्टाइन फ्लीटिल को रोक लिया और उसे अपने पोर्ट की ओर मोड़ दिया. इस फ्लीटिल का नाम "ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला" है, जो मानवीय सहायता लेकर और सैकड़ों कार्यकर्ताओं सहित स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को भी लेकर चल रही थी. इजरायल ने पहले कई बार चेतावनी दी थी कि उनकी नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए.
इजरायली विदेश मंत्रालय ने कहा कि "हम्मास-सुमूद फ्लोटिला के कई जहाजों को सुरक्षित रूप से रोका गया है और उनके यात्रियों को इजरायली पोर्ट पर स्थानांतरित किया जा रहा है." मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपडेट साझा करते हुए सभी यात्रियों की सुरक्षा की पुष्टि की.
फ्लीटिल में स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी शामिल थीं. इजरायली मंत्रालय ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें थनबर्ग को मास्क और हथियारों से लैस इजरायली सुरक्षा कर्मियों के साथ दिखाया गया. मंत्रालय ने बताया कि थनबर्ग और अन्य यात्री सुरक्षित और स्वस्थ हैं.
बुधवार को इजरायली नौसैनिक बलों ने गाजा से लगभग 75 मील दूर कुछ जहाजों पर सवार होकर उन्हें हिरासत में लिया, जबकि ये जहाज अभी अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में ही थे. यात्रियों ने बताया कि फ्लोटिला मिस्र के उत्तर में नौकायन कर रही थी जब वह इजरायल द्वारा "उच्च जोखिम क्षेत्र" घोषित स्थान में प्रवेश कर गई.
ऑपरेशन की शुरुआत फ्लैगशिप जहाज अल्मा से हुई, जिसके क्रू और थनबर्ग को इजरायली सैनिकों ने हिरासत में लिया. इंटरसेप्शन से पहले थनबर्ग ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, "मेरा नाम ग्रेटा थनबर्ग है. मैं अल्मा जहाज़ पर हूँ. इजरायल हमें रोकने वाला है." थनबर्ग और अन्य कार्यकर्ताओं को बाद में इजरायल के पोर्ट अशदोद में हिरासत में लिया गया.
ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला में 40 से अधिक नागरिक जहाज और लगभग 500 लोग शामिल थे. इसमें संसद सदस्य, वकील, एक्टिविस्ट और सेलिब्रिटी जैसे ग्रेटा थनबर्ग और अभिनेत्री सुसान सारंडन भी शामिल थीं. आयोजकों ने बताया कि फ्लोटिला गाजा के लिए मानवीय सहायता लेकर चल रही थी, हालांकि इजरायल ने चेतावनी दी थी कि इसे गाजा तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
स्थानीय मीडिया ने बताया कि इजरायली नौसैनिक जहाजों ने बुधवार शाम फ्लोटिला को घेर लिया. लगभग 20 इजरायली जहाजों ने नजदीक जाकर यात्रियों को अपने इंजन बंद करने का आदेश दिया. फ्लोटिला की लाइव स्ट्रीम में यात्री लाइफ जैकेट पहने शांत बैठे दिखाई दिए, लेकिन कुछ समय बाद स्ट्रीम ऑफ़लाइन हो गई.
फ्लीटिला की यात्रा बार्सिलोना, स्पेन से एक महीने पहले शुरू हुई थी और अगर रोक नहीं होती तो यह गुरुवार सुबह गाजा पहुंचने वाली थी.
इजरायल ने गाजा पर नाकाबंदी 2007 में शुरू की थी, जब हमास ने क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया. 2009 के बाद से इसे और कड़ा कर दिया गया. इजरायली अधिकारियों का कहना है कि नाकाबंदी सुरक्षा कारणों से जरूरी है ताकि हथियार गाजा में न पहुंच सकें.
हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने इस नाकाबंदी की आलोचना की है. संयुक्त राष्ट्र ने इसे बार-बार अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन बताया है और कहा है कि यह आम गाजाईयों के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करती है. First Updated : Thursday, 02 October 2025