गाजा पट्टी में प्रभावी हुए संघर्ष विराम के तहत इजराइल और हमास शनिवार को दूसरी बार फलस्तीनी कैदियों और बंधकों की अदला-बदली कर सकते हैं. इस संघर्ष विराम का उद्देश्य इजराइल और चरमपंथी समूह के बीच शुरू हुए अब तक के सबसे घातक और विनाशकारी युद्ध को समाप्त करना है. नाजुक प्रकृति का यह समझौता अब तक कायम है जिससे हवाई हमले रुक गए हैं और छोटे तटीय क्षेत्र में निर्बाध तरीके से सहायता पहुंच रही है.
चार बंधकों को किया जा सकता है रिहा
पिछले रविवार को संघर्ष विराम प्रभावी होने के पहले दिन 90 फलस्तीनी कैदियों के बदले में तीन बंधकों को रिहा किया गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि शनिवार को 200 कैदियों के बदले में चार बंधकों को रिहा किया जा सकता हैं.
जिन कैदियों को रिहा किया जा सकता है उनमें 120 ऐसे हैं, जो इजराइलियों पर घातक हमलों के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं.
यह खबर सीधे भाषा सिंडीकेट से उठाई गई है. इसे जनभावना टाइम्स ने प्रकाशित नहीं किया है. First Updated : Saturday, 25 January 2025