नई दिल्ली : मध्य पूर्व में युद्ध की लपटें अब और तेज हो गई हैं. शनिवार सुबह इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक सैन्य अभियान छेड़ दिया है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल के इन पूर्व-निवारक हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के प्रमुख कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हो गई है. इजरायली अधिकारियों का मानना है कि इस हमले में ईरान के सैन्य नेतृत्व की कमर टूट गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल है.
इजरायल ने शनिवार सुबह ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए. इन हमलों को इजरायल की ओर से तेहरान के खिलाफ एक 'प्री-एम्पटिव' यानी पूर्व-निवारक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. इजरायली वायुसेना ने ईरान के सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर यह संदेश दिया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. इस हमले के बाद ईरान के कई सैन्य अड्डों से धुएं के गुबार उठते देखे गए हैं.
टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों ने इस बार ईरान के सबसे महत्वपूर्ण चेहरों को निशाना बनाया है. बताया जा रहा है कि इन हमलों में न केवल रक्षा मंत्री और आईआरजीसी प्रमुख, बल्कि खुफिया प्रमुख की भी मौत होने की प्रबल संभावना है. इजरायली सेना के शुरुआती आकलन के मुताबिक, यह हमला ईरान की रक्षा प्रणाली को पूरी तरह पंगु बनाने के उद्देश्य से किया गया था. नेतृत्व की यह क्षति ईरान के लिए बड़ी चुनौती है.
इजरायली सेना ने अपने इस बड़े अभियान के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को भी सीधे तौर पर टारगेट किया. कई शीर्ष सैन्य कमांडरों के ठिकानों पर मिसाइलें दागी गईं, हालांकि इन हमलों के अंतिम नतीजे अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाए हैं. अभी यह कहना मुश्किल है कि खामेनेई और राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं या नहीं, क्योंकि तेहरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
इजरायली सैन्य कार्रवाइयों से गहराई से परिचित दो प्रमुख सूत्रों और एक क्षेत्रीय सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और मोहम्मद पाकपोर इस हमले का शिकार हो चुके हैं. हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया इस बारे में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है और अभी तक किसी भी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपने नेतृत्व की क्षति को छिपाने की कोशिश कर सकता है ताकि मनोबल न गिरे.
इन विनाशकारी हमलों ने मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव को अब एक ऐसे मोड़ पर पहुँचा दिया है जहाँ से वापसी मुश्किल नजर आती है. यदि इन वरिष्ठ अधिकारियों की मौत की खबर सच साबित होती है, तो ईरान की ओर से एक भीषण जवाबी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है. पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त कर रहा है. आने वाले कुछ घंटे बेहद निर्णायक होंगे. First Updated : Saturday, 28 February 2026