इजरायली सेना ने पश्चिमी तट के जेनिन प्रांत में दो फिलिस्तीनियों को गोली मारकर हत्या कर दी है. इससे लगभग दो हफ्ते पहले शुरू हुए हमले के बाद से इस क्षेत्र में मरने वालों की संख्या अब 19 हो गई है. फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, जेनिन शरणार्थी शिविर में इजरायली सेना की कार्रवाई के दौरान गुरुवार रात इन दोनों की हत्या की गई.
वफ़ा समाचार एजेंसी ने इन दोनों की पहचान यज़ान हातिम अल-हसन और अमीर अबू हसन के रूप में की है. फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने बताया कि जेनिन में तीन महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें इजरायली हवाई हमले में छर्रे लगे थे. बुधवार को इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा था कि इस हमले का उद्देश्य "आतंकी बुनियादी ढांचे" को नष्ट करना था और ऑपरेशन के बाद इजरायली सेना वहीं रहेगी.
गुरुवार का हमला उस दिन हुआ, जब इजरायली सेना ने घोषणा की कि कब्जे वाले क्षेत्र में उनका एक सैनिक मारा गया है. इससे पहले मंगलवार को, इजरायली सेना ने जेनिन में दो फिलिस्तीनी युवकों को मार डाला था. बुधवार को रामल्लाह में ड्रोन हमले में 10 अन्य फिलिस्तीनी भी मारे गए थे.
इजरायली सेना ने इस महीने के शुरुआत में गाजा में युद्ध विराम के बाद जेनिन पर बड़ा हमला किया था, जिसे "लौह दीवार" नाम दिया गया था. गुरुवार की शाम को बेथलेहम के अल-खदर कस्बे में दो फिलिस्तीनी बच्चों को इजरायली गोलीबारी में घायल कर दिया गया, जिसके कारण उनके पैर में चोटें आईं. इसके अलावा, अल-उबेदिया शहर में भी इजरायली सैनिकों ने गोलीबारी की, जिससे एक 23 वर्षीय फिलिस्तीनी घायल हो गया.
इजरायली सेना ने अल-खदर के बावबा क्षेत्र में आंसू गैस और स्टन ग्रेनेड भी फेंके, जिससे कई नागरिकों को गैस की वजह से सांस लेने में परेशानी हुई. फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद मुस्तफा ने इस पूरे मामले को "फिलिस्तीनी राज्य की नींव को नष्ट करने का एक व्यवस्थित प्रयास" बताया. उन्होंने कहा कि पश्चिमी तट के उत्तरी क्षेत्रों में सैन्य घुसपैठ, हत्या, हिरासत और घरों का नष्ट किया जाना हो रहा है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता है. इजरायल ने अक्टूबर 2023 से पूरे पश्चिमी तट पर बड़े सैन्य हमले किए हैं, जिसमें अब तक कम से कम 880 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. First Updated : Friday, 31 January 2025