नॉर्थ कोरिया में किम जोंग उन की सत्ता बरकरार, पार्टी अधिवेशन में फिर चुने गए सुप्रीम लीडर
नॉर्थ कोरिया में सत्ता का केंद्र एक बार फिर किम जोंग उन के हाथों में ही रहेगा. सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया ने अपने पार्टी अधिवेशन में उन्हें दोबारा जनरल सेक्रेटरी चुन लिया है.

नॉर्थ कोरिया में सत्ता का केंद्र एक बार फिर किम जोंग उन के हाथों में ही रहेगा. सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया ने अपने पार्टी अधिवेशन में उन्हें दोबारा जनरल सेक्रेटरी चुन लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक यह फैसला अधिवेशन के चौथे दिन सर्वसम्मति से लिया गया और इसे सभी प्रतिनिधियों की 'अटूट इच्छा' बताया गया.
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?
रिपोर्ट में दावा किया गया कि किम के नेतृत्व में देश की परमाणु क्षमता और युद्ध निरोधक ताकत पहले से अधिक मजबूत हुई है. यह अधिवेशन खास महत्व रखता है क्योंकि इसे हर पांच वर्ष में आयोजित किया जाता है. कई दिनों तक चलने वाली यह बैठक उस बंद देश की नीतियों और प्राथमिकताओं की झलक देती है, जहां सामान्य सूचनाएं भी सार्वजनिक नहीं की जातीं. पार्टी कांग्रेस में आवास, अर्थव्यवस्था, रक्षा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर दिशा तय की जाती है. उद्घाटन भाषण में किम जोंग उन ने नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का वादा किया, जिससे संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और सीमित व्यापार के कारण अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है.
किम ने संबोधन में क्या कहा?
अपने संबोधन में किम ने कहा कि पार्टी के सामने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, आम लोगों की स्थिति सुधारने और राज्य व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने जैसे अहम कार्य हैं. दशकों तक देश में सैन्य शक्ति और परमाणु कार्यक्रम को प्राथमिकता दी गई. भले ही खाद्य संकट और आर्थिक कठिनाइयां सामने आईं. हालांकि 2011 में सत्ता संभालने के बाद किम ने आर्थिक सुधारों पर भी जोर दिया. 2021 के पिछले अधिवेशन में उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया था कि आर्थिक विकास के कई क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी, जो कि इस व्यवस्था में एक दुर्लभ स्वीकारोक्ति मानी गई.
इस वर्ष के अधिवेशन से पहले ही संकेत दिया गया था कि परमाणु कार्यक्रम के अगले चरण की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी. साथ ही, पार्टी नियमों में संशोधन कर संगठनात्मक एकता और अनुशासन को मजबूत करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया है. किम परिवार के लंबे शासनकाल में यह पार्टी का नौवां अधिवेशन है. 2016 में इसे पुनः शुरू किया गया था. विश्लेषकों का मानना है कि यह अधिवेशन किम जोंग उन की सत्ता और नियंत्रण को और सुदृढ़ करने का मंच बनकर उभरा है.


