व्हाइट हाउस में किंग चार्ल्स का हल्का-फुल्का तंज, ट्रंप से बोले- 'अगर हम न होते तो आप फ्रेंच बोल रहे होते'
व्हाइट हाउस के राजकीय भोज में ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने डोनाल्ड ट्रंप पर हल्के-फुल्के अंदाज में तंज कसा. इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अगर ब्रिटेन न होता तो शायद आज अमेरिका फ्रेंच बोल रहा होता.

नई दिल्ली: ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक राजकीय भोज के दौरान अपने संबोधन में ऐसा मजाक किया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक टिप्पणी का जवाब देते हुए इतिहास से जुड़ा चुटीला तंज कसा.
चार्ल्स और महारानी कैमिला की अमेरिका यात्रा के दूसरे दिन आयोजित इस कार्यक्रम को ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इस दौरान राजा ने अपने भाषण में ऐतिहासिक संदर्भों के साथ हास्य का भी समावेश किया.
ट्रंप के बयान पर चार्ल्स का मजाकिया जवाब
किंग चार्ल्स ने अपने संबोधन में ट्रंप की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा, "राष्ट्रपति महोदय, आपने हाल ही में टिप्पणी की थी कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका न होता तो यूरोपीय देश जर्मन भाषा बोल रहे होते,"
इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "क्या मैं यह कह सकता हूँ कि अगर हम न होते तो आप फ्रेंच बोल रहे होते?"
उन्होंने आगे हल्के अंदाज में जोड़ा, "बेशक, हम दोनों अपने फ्रांसीसी चचेरे भाइयों को बहुत प्यार करते हैं."
इतिहास से जुड़ा यह मजाक
किंग चार्ल्स का यह बयान केवल हास्य तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे गहरा ऐतिहासिक संदर्भ भी जुड़ा है. अमेरिका की आजादी में फ्रांस की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी, जबकि स्वतंत्रता से पहले महाद्वीप के बड़े हिस्से पर फ्रांसीसी प्रभाव था, जिसे "नया फ्रांस" कहा जाता था.
1776 में अमेरिका ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता की घोषणा की, लेकिन यह संघर्ष कई दशकों तक चलता रहा. इसी कड़ी में 1812 का युद्ध हुआ, जिसमें ब्रिटिश सेना ने वाशिंगटन डी.सी. पर कब्जा कर 1814 में व्हाइट हाउस को आग के हवाले कर दिया था.
'रियल एस्टेट' पर चार्ल्स का चुटकुला
अपने भाषण में चार्ल्स ने इस ऐतिहासिक घटना को भी मजाकिया अंदाज में पेश किया. उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति महोदय, पिछले वर्ष विंडसर कैसल की आपकी यात्रा के बाद ईस्ट विंग में किए गए 'पुनर्समायोजन' पर मेरी नजर है. मुझे यह कहते हुए खेद है कि हम अंग्रेजों ने भी 1814 में व्हाइट हाउस के पुनर्विकास का प्रयास किया था."
इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने ट्रंप के रियल एस्टेट से जुड़े नजरिए पर भी हल्का तंज कसा.
'विशेष संबंध' पर दिया जोर
किंग चार्ल्स ने अपने संबोधन में ब्रिटेन और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे "विशेष संबंध" की सराहना की. उन्होंने बोस्टन टी पार्टी जैसे ऐतिहासिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए दोनों देशों के रिश्तों की गहराई को रेखांकित किया.
दिन में पहले कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "जिस सिद्धांत पर आपकी कांग्रेस की स्थापना हुई थी, यानी प्रतिनिधित्व के बिना कराधान नहीं, वह एक ओर तो हमारे बीच मूलभूत मतभेद का विषय था, और दूसरी ओर एक साझा लोकतांत्रिक मूल्य भी था जो आपको हमसे विरासत में मिला है. हमारा संबंध विवाद से उपजी साझेदारी है.”
अमेरिकी भूगोल में ब्रिटिश छाप
किंग चार्ल्स ने अमेरिका के नक्शे पर ब्रिटिश प्रभाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी भूगोल कई मायनों में ब्रिटिश इतिहास से जुड़ा हुआ है. वर्जीनिया, मैरीलैंड, कैरोलिनास, विलियम्सबर्ग और एनापोलिस जैसे नाम ब्रिटिश शासकों और शाही परिवार से प्रेरित हैं.
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अमेरिकी नक्शा “सदियों से हमारी क्रिसमस कार्ड सूची” जैसा प्रतीत होता है.
राजकीय भोज की खास झलक
इस राजकीय भोज में पारंपरिक सफेद टाई ड्रेस कोड भी देखने को मिला, जो व्हाइट हाउस में बहुत कम अवसरों पर नजर आता है. इससे पहले ऐसा नजारा 2007 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की यात्रा के दौरान देखा गया था.


