चीन की कोशिशें बेअसर! पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर भड़का तनाव, हमलों के बाद कूटनीतिक टकराव तेज

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा तनाव एक बार फिर भड़क गया है. कुनार प्रांत में हमलों के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे कूटनीतिक रिश्ते और बिगड़ते नजर आ रहे हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर सीमा विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है. हालिया घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों में नई तल्खी पैदा कर दी है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. सीमा पार हमलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

सोमवार को हुए हमलों के बाद स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है. अफगानिस्तान के मुताबिक, इन हमलों में 4 लोगों की मौत हुई है जबकि 70 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 30 छात्र भी शामिल हैं. इस घटना ने न केवल मानवीय चिंता बढ़ाई है बल्कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को भी चरम पर पहुंचा दिया है.

आमने-सामने आरोप, सच्चाई पर विवाद

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर सीधे तौर पर हमले का आरोप लगाया है. अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "एक बार फिर पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा कुनार प्रांत के केंद्र 'असदाबाद' और 'मनवर जिले' के विभिन्न इलाकों में मोर्टार और रॉकेट से भारी बमबारी की गई है."

वहीं, पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "पाकिस्तान द्वारा की जाने वाली सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से सटीक और खुफिया जानकारी पर आधारित होती है." साथ ही अफगानिस्तान के दावों को तुच्छ और फर्जी बताया गया.

कूटनीतिक स्तर पर बढ़ी सख्ती

घटना के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. मंगलवार को अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के 'शार्जे डी'अफेयर्स' को तलब किया. मंत्रालय ने बयान जारी कर कुनार प्रांत में विश्वविद्यालय, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक संपत्तियों पर हुए हमलों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया.

इसके साथ ही 'डूरंड रेखा' के पास हुई सैन्य गतिविधियों पर भी चिंता जताई गई, जो लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है.

सीमा पर एक और कार्रवाई, चेक पोस्ट ध्वस्त

मंगलवार को ही एक अन्य घटना में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान से सटी सीमा पर अफगान सुरक्षा चौकियों को नष्ट करने का दावा किया. 'रेडियो पाकिस्तान' की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई सीमा सुरक्षा के तहत की गई.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच करीब 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक फैली हुई है और लंबे समय से तनाव का केंद्र बनी हुई है.

विवाद की जड़: आतंकवाद और घुसपैठ

दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते तनाव के पीछे मुख्य वजह आतंकवाद और सीमा पार घुसपैठ को माना जा रहा है. पाकिस्तान बार-बार काबुल की तालिबान सरकार से मांग करता रहा है कि वह अपनी जमीन पर सक्रिय चरमपंथी समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे.

हालांकि, अफगानिस्तान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है और कहता है कि उसकी भूमि का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं हो रहा है.

चीन की मध्यस्थता भी नहीं लाई स्थायी राहत

गौरतलब है कि इस तनाव से ठीक एक महीने पहले दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी, जिसमें चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी. कार्य-स्तरीय वार्ता के जरिए शांति स्थापित करने की कोशिश की गई थी.

लेकिन हालिया घटनाओं और तीखे बयानों ने इस शांति प्रक्रिया को फिर से खतरे में डाल दिया है, जिससे क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद कमजोर पड़ती दिख रही है.

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