LORA Missile: भारत-इजरायल का लॉन्ग रेंज आर्टिलरी खरीदने के फिराक में है. जिसकी सुपरसोनिक रफ्तार और 400 किलोमीटर की रेंज जो युद्धक्षेत्र में गेम-चेंजर बनाती है. यह कदम ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की संभावित तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है. जो भारत की सैन्य रणनीति को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है. पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 2025 में शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सटीक और आक्रामक सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया था. अब, LORA मिसाइल की खरीद की चर्चा ने रक्षा विशेषज्ञों और विश्लेषकों के बीच उत्साह पैदा कर दिया है.
LORA मिसाइल जिसे इजरायल की रक्षा कंपनी IAI (इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज) ने विकसित किया है. एक क्वासी-बैलिस्टिक थिएटर मिसाइल है. इसकी सुपरसोनिक गति और 400 किलोमीटर की रेंज इसे लंबी दूरी के सटीक हमलों के लिए परफेट मानी जाती है. इसकी खासियत यह है कि इसे जमीन और समुद्र दोनों से लॉन्च किया जा सकता है, भारत पाकिस्तान और चीन के खिलाफ तैनाती के लिए इजरायल की LORA मिसाइल को बड़ी संख्या में खरीद सकता है. इसके मुख्य डिजाइनर मास्टर बैटरमैन ने दावा किया है कि इसका टिप बड़ा पेलोड डिलीवरी के लिए बढ़ाया जा सकता है.
ऑपरेशन सिंदूर, जिसे 6-7 मई 2025 को पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किया गया था. भारत की सैन्य ताकत को पूरी दुनिया ने देखा. इस ऑपरेशन में स्वदेशी और इजरायली तकनीकों, जैसे स्काईस्ट्राइकर ड्रोन और ब्रह्मोस मिसाइल, का उपयोग किया गया था. अब, LORA मिसाइल की खरीद की खबरें ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की संभावना को हवा दे रही हैं. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि LORA मिसाइल भारत की सटीक हमले की क्षमता को और बढ़ाएगी, खासकर सीमा पार आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने में. यह मिसाइल न केवल रणनीतिक ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम है, बल्कि इसे कम समय में तैनात भी किया जा सकता है. जो भारत की तुरंत प्रतिक्रिया रणनीति को मजबूत करता है.
भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग लंबे समय से चला आ रहा है. ऑपरेशन सिंदूर में इजरायल के हारोप और हारपी ड्रोन के साथ-साथ रैम्पेज मिसाइल का उपयोग इसका जीता-जागता उदाहरण है. भारत ने इजरायल से AIR LORA मिसाइल खरीदने की योजना बनाई है. यह खरीद दोनों देशों के बीच गहरे रक्षा सहयोग का प्रतीक है.इजरायल ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना करते हुए भारत के साथ रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी. LORA मिसाइल की खरीद इस दिशा में एक और कदम हो सकता है. जो भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगा. First Updated : Tuesday, 01 July 2025