मैक्रॉन का ट्रंप पर पलटवार, पत्नी पर टिप्पणी को बताया 'अशोभनीय'
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विवादित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप द्वारा मैक्रॉन की पत्नी को लेकर किए गए मजाक ने न सिर्फ कूटनीतिक माहौल गरमा दिया, बल्कि फ्रांस की राजनीति में भी हलचल मचा दी.

नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ट्रंप ने उनकी पत्नी को लेकर निजी टिप्पणी की थी. मैक्रॉन ने इसे न केवल अनुचित बल्कि गरिमा के खिलाफ बताया और कहा कि इस तरह की बयानबाजी वैश्विक नेतृत्व के स्तर के अनुरूप नहीं है.
दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत में मैक्रॉन ने ट्रंप के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियां न तो शालीन हैं और न ही जिम्मेदार नेतृत्व को दर्शाती हैं. यह विवाद तब बढ़ा जब ट्रंप ने एक निजी लंच के दौरान मैक्रॉन और उनकी पत्नी से जुड़ी बातों का जिक्र करते हुए सार्वजनिक रूप से उनका मजाक उड़ाया.
ट्रंप की टिप्पणी से बढ़ा विवाद
वाशिंगटन डीसी में आयोजित एक निजी बैठक के दौरान ट्रंप ने मैक्रॉन के साथ हुई फोन बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पत्नी उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करतीं. उन्होंने कहा,"मैंने फ्रांस के मैक्रोन को फोन किया, जिनकी पत्नी उनके साथ बेहद बुरा बर्ताव करती हैं. वे अभी भी जबड़े पर लगे दाहिने हाथ के मुक्के से उबर रहे हैं."
यह टिप्पणी मई 2025 में ब्रिगिट मैक्रॉन के साथ मैक्रॉन की वियतनाम यात्रा के एक वायरल वीडियो से जुड़ी बताई जा रही है. उस वीडियो में विमान से उतरते समय ब्रिगिट द्वारा उनके चेहरे को धक्का देते हुए दिखाया गया था. हालांकि, मैक्रॉन ने पहले ही इस वीडियो को “गलत सूचना” बताते हुए स्पष्ट किया था कि वह एक हल्का-फुल्का मजाक था.
ईरान संघर्ष और नाटो पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने ईरान से जुड़े संघर्ष को लेकर भी सहयोगी देशों पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने फ्रांस से खाड़ी क्षेत्र में मदद भेजने का अनुरोध किया था, जिस पर मैक्रॉन ने इनकार कर दिया.
ट्रंप ने कहा,"हमें कुछ मदद चाहिए...क्या आप तुरंत जहाज भेज सकते हैं?"
और दावा किया कि मैक्रॉन ने सुझाव दिया कि फ्रांस “युद्ध जीतने के बाद” सहायता करेगा.
फ्रांसीसी लहजे की नकल करते हुए ट्रंप ने तंज कसा,"युद्ध जीतने के बाद मुझे मदद की जरूरत नहीं है."
इसके अलावा, उन्होंने नाटो की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए इसे “कागजी शेर” करार दिया.
फ्रांस में राजनीतिक प्रतिक्रिया
ट्रंप की टिप्पणियों को लेकर फ्रांस के राजनीतिक गलियारों में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली. नेशनल असेंबली की अध्यक्ष येल ब्रौन-पिवेट ने इन बयानों को “उचित नहीं” बताया.
उन्होंने कहा,"लोग मर रहे हैं, और हमारे राष्ट्रपति दूसरों का मजाक उड़ा रहे हैं."
वहीं, फ्रांस अनबाउड पार्टी के मैनुअल बोम्पार्ड ने भी इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर इस तरह की टिप्पणियां “बिल्कुल अस्वीकार्य” हैं.
फ्रांसीसी अखबार ले फिगारो ने इस पूरे मामले को “एक और विवादास्पद घटना” बताया.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर मैक्रॉन की चेतावनी
वैश्विक तनाव के बीच मैक्रॉन ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सैन्य कार्रवाई के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि फ्रांस किसी भी जबरन सैन्य प्रयास का समर्थन नहीं करता.
मैक्रॉन ने कहा,"कुछ लोग बलपूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को मुक्त कराने के विचार का समर्थन करते हैं. यह वह विकल्प नहीं है जिसका हमने कभी समर्थन किया है क्योंकि यह अवास्तविक है."
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा कदम लंबा और जोखिम भरा हो सकता है,"इसमें अनंत काल लग जाएगा और इससे वैश्विक समुद्री परिवहन व्यवस्था को क्रांतिकारी गार्डों के साथ-साथ बैलिस्टिक मिसाइलों से भी खतरा होगा."
कूटनीति पर जोर और अमेरिका पर परोक्ष टिप्पणी
मैक्रॉन ने बिना ट्रंप का नाम लिए अमेरिका के बदलते रुख पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा,"यह कोई दिखावा नहीं है. हम युद्ध और शांति की बात कर रहे हैं. आइए गंभीर हों और एक दिन जो कहा है, उसके ठीक विपरीत न कहें."
साथ ही उन्होंने सहयोगी देशों की भूमिका पर कहा,"वे इस बात पर अफसोस जता सकते हैं कि उन्हें मदद नहीं मिल रही है, लेकिन यह हमारा उद्देश्य नहीं है. हम जल्द से जल्द शांति चाहते हैं."
नाटो को लेकर उन्होंने चेतावनी दी,"यदि आप हर दिन अपनी प्रतिबद्धताओं के बारे में संदेह पैदा करते हैं, तो आप उसके सार को खोखला कर देते हैं."


