ईरान के सबसे बड़े पुल को उड़ा ट्रंप ने दी चेतावनी, कहा- 'देर होने से पहले समझौता कर लें'

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द समझौता करे, वरना और विनाशकारी हमलों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरान का बड़ा पुल तबाह हो चुका है और आने वाले हफ्तों में कार्रवाई और तेज हो सकती है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उसे स्पष्ट चेतावनी दी कि वह जल्द समझौता करे, अन्यथा उसे और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. यह बयान ऐसे समय में आया जब ट्रंप ने दावा किया कि हालिया अमेरिकी हमलों में ईरान का एक प्रमुख और रणनीतिक रूप से अहम पुल पूरी तरह तबाह हो गया है, जिसे अब दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.

ट्रंप ने साझा किया वीडियो 

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक इमारत से उठता घना धुआं दिखाई दे रहा था. इस वीडियो को हमलों की तीव्रता का सबूत बताते हुए उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रह सकती है. उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि ईरान के पास अब समझौते का सीमित समय बचा है और देरी होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है.

इससे पहले भी ट्रंप ने संकेत दिए थे कि आने वाले हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तेज किया जा सकता है. राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर ईरान को और भी बड़े हमलों का सामना करना पड़ सकता है. ट्रंप के अनुसार अब तक की कार्रवाई बेहद प्रभावी रही है और अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रही है.

हालांकि अपने कड़े बयान के बावजूद ट्रंप ने कूटनीतिक बातचीत या समझौते की प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया. उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की तय समयसीमा का भी जिक्र नहीं किया, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है. इस जलमार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा से अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है.

ट्रंप की चेतातवनी 

ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि यदि यह मार्ग नहीं खोला गया तो ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है, लेकिन अपने ताजा बयान में उन्होंने इस मुद्दे को विस्तार से नहीं उठाया. इसके अलावा, उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका बढ़ती ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिए क्या कदम उठाएगा.

उन्होंने ईरान में अमेरिकी जमीनी सेना की तैनाती या NATO की भूमिका को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं की. कुल मिलाकर, ट्रंप का यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत देता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है.

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