ताकत के जरिये शांति बनाए रखना...US कमांडर ने ऑपरेशन सिंदूर पर की भारतीय सेना की तारीफ
अमेरिकी सेना के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पपारो इन दिनों भारत दौरे पर है. उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी का एक ही उद्देश्य है ताकत के जरिये पूरी दुनिया में शांति बनाए रखना है. इसके साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संयम दिखाने के लिए भारतीय सेना की प्रशंसा की.

नई दिल्ली : नई दिल्ली में चल रही अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के प्रमुख एडमिरल सैमुअल जे पपारो ने भारत और अमेरिका के बीच गहरे होते रक्षा संबंधों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों का मुख्य लक्ष्य शक्ति के बल पर क्षेत्रीय शांति सुनिश्चित करना है. पपारो ने इंडो-पैसिफिक में बढ़ती जबरन कार्रवाइयों को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की, जो मुख्य रूप से चीन की सैन्य गतिविधियों की ओर इशारा करती है. उन्होंने भारतीय सेना के संयम और हिंद महासागर में योगदान की भी सराहना की.
भारत-अमेरिका संबंधों में नई मजबूती
एडमिरल पपारो ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत और अमेरिका के हित एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. दोनों देश खासकर समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने जोर देकर बताया कि यह साझेदारी तेजी से मजबूत हो रही है और भविष्य में और भी गहरी होगी. नीति निर्माताओं के प्रयासों के साथ सैन्य नेतृत्व भी क्षमता निर्माण पर काम कर रहा है.
शांति के लिए ताकत का महत्व
पपारो के अनुसार इस साझेदारी का असर प्रतिरोध पर पड़ता है. दोनों देश शक्ति के जरिये शांति कायम रखने के साझा लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि सैन्य तैयारियां हर पल मुकाबला करने के लिए जरूरी हैं. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दुनिया की अधिकांश आबादी और आर्थिक शक्ति मौजूद है, इसलिए यहां स्थिरता बनाए रखना वैश्विक हित में है.
क्षेत्रीय चुनौतियों पर साझा चिंता
एडमिरल ने इंडो-पैसिफिक में बढ़ती आक्रामकता और जबरन कार्रवाइयों पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने बिना नाम लिए उन ताकतों का जिक्र किया जो नियमों का उल्लंघन कर रही हैं. भारत और अमेरिका संप्रभुता, नौवहन की आजादी और समुद्री सुरक्षा के सिद्धांतों पर एकमत हैं. दोनों देश मिलकर इन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं.
ऑपरेशन सिंदूर में संयम की सराहना
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पूछे जाने पर पपारो ने भारतीय सेना के संयम की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से शांतिप्रिय देश चिंतित होते हैं, लेकिन भारत ने संयम दिखाकर अपनी जिम्मेदारी निभाई. पाकिस्तान द्वारा चीनी उपकरणों के इस्तेमाल पर उन्होंने स्पष्ट टिप्पणी से परहेज किया, मगर निरंतर सतर्कता की जरूरत बताई.
मजबूत प्रतिरोधक रुख की आवश्यकता
पपारो ने जोर दिया कि मजबूत रुख अपनाना आज की स्थिति में बहुत जरूरी है. भारत हिंद महासागर की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है, जिसकी अमेरिका सराहना करता है. दोनों देश लोकतंत्र के मूल्यों पर आधारित सम्मानजनक संबंधों के जरिये क्षेत्र में स्थिरता लाने का प्रयास कर रहे हैं. यह साझेदारी भविष्य की चुनौतियों के लिए मजबूत आधार बनेगी.


