T20 वर्ल्ड कप में भारत से मिली करारी हार के बाद मोहसिन नकवी पर फूटा शोएब अख्तर का गुस्सा, सुनाई खरी-खोटी
भारत से मिली 61 रनों की करारी हार के बाद पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने पीसीबी और उसके प्रमुख मोहसिन नकवी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने टीम प्रबंधन की अक्षमता को हार का मुख्य कारण बताया है.

नई दिल्ली : टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मिली अपमानजनक हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में एक बड़ा भूचाल ला दिया है. रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख्तर ने इस हार के लिए बोर्ड के शीर्ष नेतृत्व और सीनियर खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया है. अख्तर का गुस्सा विशेष रूप से पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी पर फूटा है. उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि बोर्ड की गलत नीतियों और अक्षम लोगों को ऊंचे पदों पर बिठाने की वजह से आज पाकिस्तान क्रिकेट बर्बादी की कगार पर खड़ा है.
सीनियर खिलाड़ियों पर फूटा गुस्सा
कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान टीम की शर्मनाक बल्लेबाजी और 61 रनों की शिकस्त ने अख्तर को झकझोर दिया है. उन्होंने बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और शादाब खान जैसे सीनियर खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठाए. अख्तर ने पूछा कि आखिर क्यों इन खिलाड़ियों को लगातार बिना किसी ठोस नतीजे के अनकंडीशनल सपोर्ट दिया जा रहा है. उनके मुताबिक, जब बड़े मुकाबलों में ये कथित सितारे विफल होते हैं, तो पूरी टीम और करोड़ों प्रशंसकों का भरोसा बुरी तरह टूट जाता है.
मोहसिन नकवी की योग्यता पर सवाल
अख्तर ने सीधे तौर पर पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी की समझ और प्रबंधन क्षमता पर गहरा कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा कि आज बोर्ड का नेतृत्व एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में है जिसे शायद यह भी नहीं पता कि चेयरमैन के रूप में उसकी क्या जिम्मेदारियां हैं. अख्तर के अनुसार, आपने कुछ खिलाड़ियों को कृत्रिम तरीके से सुपरस्टार बना दिया है, जबकि वे एक भी मैच जिताने का माद्दा नहीं रखते. उन्होंने जोर देकर कहा कि बोर्ड की सबसे बड़ी गलती अयोग्य लोगों को ऊंचे पद सौंपना है.
अक्षमता का गंभीर परिणाम
पूर्व दिग्गज गेंदबाज ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी संस्था या देश को बर्बाद करने का सबसे आसान तरीका किसी अज्ञानी व्यक्ति को बड़ी जिम्मेदारी सौंपना है. अख्तर का इशारा साफ था कि क्रिकेट बोर्ड के भीतर चल रहे ड्रामे और राजनीति ने खेल के मैदान पर प्रदर्शन को बहुत नुकसान पहुँचाया है. उन्होंने बोर्ड के भीतर व्याप्त अज्ञानता को टीम की गिरावट का मुख्य कारण बताया. उनके अनुसार, जब नेतृत्व ही कमजोर और दिशाहीन होगा, तो खिलाड़ियों से सफलता की उम्मीद करना पूरी तरह व्यर्थ है.
कार्यकाल केवल दिखावे और सुर्खियों के इर्द-गिर्द
विगत एक साल में मोहसिन नकवी का कार्यकाल केवल दिखावे और सुर्खियों के इर्द-गिर्द रहा है. एशिया कप की ट्रॉफी लेकर फोटो खिंचवाना हो या वर्ल्ड कप के बहिष्कार की धमकियां देना, नकवी का ध्यान जमीनी तैयारी के बजाय केवल ब्रांडिंग पर रहा. जबकि भारतीय टीम अपने खिलाड़ियों के कौशल को तराशने और एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने में व्यस्त थी, पाकिस्तानी नेतृत्व केवल बोर्डरूम ड्रामा रचने में व्यस्त रहा. इस दिखावे की राजनीति ने पाकिस्तान क्रिकेट को विश्व स्तर पर काफी कमजोर कर दिया है.
जवाबदेही की बढ़ती मांग
भारत के खिलाफ इस करारी हार ने प्रशंसकों और विशेषज्ञों के सब्र का बांध पूरी तरह तोड़ दिया है. अब हर तरफ से बोर्ड और खिलाड़ियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है. अख्तर के इस कड़े प्रहार ने एक नई बहस को जन्म दिया है कि क्या पाकिस्तान क्रिकेट में कोई बड़ा प्रशासनिक बदलाव होगा? जब तक योग्यता को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी और बोर्डरूम का ड्रामा बंद नहीं होगा, तब तक पाकिस्तान की स्थिति में किसी भी सुधार की गुंजाइश बहुत कम नजर आती है.


