तारिक रहमान का बड़ा ऐलान, भारत और हसीना पर क्या होगा अगला कदम?
बांग्लादेश के हालिया आम चुनावों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज किया है. लगभग दो दशकों बाद तारिक रहमान और उनकी पार्टी की सत्ता में वापसी तय मानी जा रही है. शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बने राजनीतिक शून्य को अब नई सरकार भरने जा रही है, वहीं भारत-बांग्लादेश संबंध और हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा केंद्र में आ गया है.
नई दिल्ली:12 फरवरी को हुए बांग्लादेश के आम चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिला, जिससे 20 साल बाद उनकी सत्ता में वापसी का रास्ता साफ हुआ। 2024 के छात्र-आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार के पतन से पैदा हुए 19 महीने के राजनीतिक संकट का अंत माना जा रहा है। अपने संबोधन में तारिक रहमान ने लोकतंत्र, एकजुटता और नई शुरुआत पर जोर दिया।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर उन्होंने ‘बांग्लादेश पहले’ नीति की बात कही और संतुलित विदेश नीति का संकेत दिया। इस बीच उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई। हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं और बांग्लादेश की अदालत ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध में दोषी ठहराया है। तारिक रहमान ने स्पष्ट किया कि प्रत्यर्पण पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा.


