क्या सपा और बसपा में होगा गठबंधन? अखिलेश यादव के बयान से अटकलें तेज

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच रिश्ते लगातार बेहतर हो रहे हैं और आने वाले समय में यह संबंध और अधिक मजबूत होंगे.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच रिश्ते लगातार बेहतर हो रहे हैं और आने वाले समय में यह संबंध और अधिक मजबूत होंगे. उन्होंने यह बात उस कार्यक्रम में कही, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े 15 हजार से अधिक लोगों ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

प्रेम प्रसार समारोह में क्या बोले अखिलेश?

होली से पहले आयोजित ‘पीडीए’ (प्रेम प्रसार समारोह) में उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य समाज में भाईचारा, एकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शांति, विकास और सामाजिक समरसता की असली ताकत पीडीए की अवधारणा में निहित है. उनका कहना था कि सकारात्मक और प्रगतिशील राजनीति का आधार सामाजिक एकता ही होती है और इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि इस बार पारंपरिक होली मिलन से पहले ‘पीडीए होली मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाया जा सके.

इस मौके पर कई प्रमुख नेताओं ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थामा. इनमें पूर्व मंत्री नसीरुद्दीन सिद्दीकी और अपना दल (सोनेलाल) के पूर्व विधायक राजकुमार पाल शामिल हैं. नसीरुद्दीन सिद्दीकी को कभी बसपा का प्रभावशाली नेता माना जाता था और वह चार बार मंत्री रह चुके हैं. वह बहुजन समाज पार्टी की सरकार के दौरान अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके थे, लेकिन वर्ष 2017 में उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था. उनके सपा में शामिल होने को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

विपक्षी एकता पर जोर 

विपक्षी एकता पर जोर देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे शामिल होने से पीडीए की ताकत और संभावनाएं बढ़ेंगी. उन्होंने कहा कि इतिहास में भीमराव अंबेडकर और राम मनोहर लोहिया जैसे नेताओं ने मिलकर सामाजिक न्याय और समानता की राजनीति को मजबूत करने का प्रयास किया था, लेकिन परिस्थितियों के कारण यह प्रयास लंबे समय तक जारी नहीं रह सका. उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में एकजुट होकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाया जा सकता है.

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में गठबंधन किया था, हालांकि चुनाव के बाद यह गठबंधन टूट गया था. इसके बावजूद अखिलेश यादव ने संकेत दिए कि दोनों दलों के बीच संबंधों में सुधार हो रहा है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि एक सम्मानित शंकराचार्य का अपमान किया गया है और समाजवादी पार्टी उनके सम्मान के साथ खड़ी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं को लेकर अनावश्यक विवाद खड़े किए जा रहे हैं. उनका यह बयान हाल ही में प्रयागराज में माघ मेले के दौरान प्रशासन और शंकराचार्य के बीच हुए विवाद के संदर्भ में माना जा रहा है.

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