'ओये' नहीं, अब कहिए 'सर' या 'मैडम'...जानिए पुलिस के लिए कहां जारी हुआ ये नया फरमान
पाकिस्तान की पंजाब मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने पुलिस को आम नागरिकों से 'सर' या 'मैडम' कहकर सम्मानपूर्वक बात करने का कड़ा निर्देश दिया है. दुर्व्यवहार रोकने के लिए अब पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरे भी पहनने होंगे.

नई दिल्ली : पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिसिया व्यवस्था को मानवीय और सभ्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने एक क्रांतिकारी और बड़ा कदम उठाया है. अक्सर जनता के बीच पुलिस के रुखे, असभ्य और डराने वाले व्यवहार की शिकायतें आती रहती थीं, जिसे लेकर अब सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री का मानना है कि पुलिस का मूल काम जनता की सेवा करना है, न कि उन्हें अपमानित करना. इसी मानवीय उद्देश्य से पुलिस बल के लिए नए सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं.
'ओये' नहीं, अब कहिए 'सर' या 'मैडम'
आपको बता दें कि एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मरियम नवाज ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पुलिसकर्मी अब सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों को अपमानजनक तरीके से 'ओये' कहकर बिल्कुल न बुलाएं. उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि थानों, चौकियों और कार्यालयों में आने वाले लोगों को 'सर', 'मैडम' या 'साहिब' जैसे सम्मानजनक शब्दों से ही संबोधित किया जाए. मुख्यमंत्री के अनुसार, जनता की गरिमा सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में इसका उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
डराने वाले व्यवहार पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस के डराने-धमकाने वाले पुराने रवैये को अब नए सुधारों के तहत स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जनता के मन में पुलिस के प्रति सुरक्षा और विश्वास बहाल करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. जो पुलिसकर्मी सम्मानजनक तरीके से बात करने के नियमों का पालन करने से इनकार करेंगे, उन्हें फील्ड ड्यूटी या जनता से सीधे संवाद करने की अनुमति नहीं मिलेगी. अनुशासन में व्यापक बदलाव लाने के लिए शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया जाएगा.
बॉडी कैमरों से होगी सटीक निगरानी
पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए अब आधुनिक तकनीकी सुधार भी अपनाए जा रहे हैं. मरियम नवाज ने सभी गश्ती दलों और यातायात पुलिसकर्मियों को अनिवार्य रूप से 'बॉडी कैमरे' पहनने का आदेश दिया है. अगले दो महीनों के भीतर इसे पूरे प्रांत में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. इन कैमरों की मदद से पुलिस और जनता के बीच की हर बातचीत रिकॉर्ड होगी, जिससे भविष्य में किसी भी शिकायत की जांच निष्पक्ष और सटीक तरीके से संभव हो सकेगी.
बेहतर बॉडी लैंग्वेज की विशेष आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने केवल शब्दों पर ही नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के शारीरिक हाव-भाव यानी बॉडी लैंग्वेज को सुधारने पर भी विशेष जोर दिया है. उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों का व्यवहार हर हाल में संयमित, शालीन और पेशेवर होना चाहिए. पुलिस की उपस्थिति से जनता के मन में सुरक्षा का भाव पैदा होना चाहिए, न कि दहशत. ट्रेनिंग प्रोग्राम में पुलिसकर्मियों को पेशेवर तरीके से बात करने और उचित शारीरिक हाव-भाव रखने की विशेष कला भी सिखाई जाएगी.
आखिर क्यों लेना पड़ा यह सख्त फैसला
विगत कुछ समय से पंजाब पुलिस के अमानवीय और असभ्य व्यवहार की ढेरों शिकायतें सरकार तक पहुंच रही थीं. इससे आम जनता के बीच पुलिस के प्रति भारी नाराजगी और असंतोष व्याप्त था. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पुलिसिंग की संस्कृति बदलने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अब किसी भी नागरिक के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी को कठोरतम विभागीय और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.


