बैंक कर्मचारी ने जुआ खेलने के लिए लोगों के लॉकर से उड़ाया 4 करोड़ का सोना
बेंगलुरु में एक राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में तैनात सहायक प्रबंधक को ग्राहकों के लॉकर से बड़ी मात्रा में सोना चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

बेंगलुरु में एक राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में तैनात सहायक प्रबंधक को ग्राहकों के लॉकर से बड़ी मात्रा में सोना चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी की पहचान 34 वर्षीय किरण कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, उसने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था और लॉकर चाबियों तक अपनी पहुंच का फायदा उठाकर धीरे-धीरे ग्राहकों के गिरवी रखे गहनों में हेराफेरी की और उन्हें गिरवी रखकर प्राप्त धनराशि ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए में खर्च कर दी.
2,783 ग्राम सोना चोरी
यह मामला 2 जनवरी को सामने आया, जब कुछ ग्राहक अपने गिरवी रखे गहने वापस लेने के लिए इंडियन बैंक की शाखा पहुंचे. बैंक कर्मचारियों ने जब संबंधित लॉकरों की जांच की तो उनमें अनियमितता पाई गई. इसके बाद बैंक प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू की, जिसमें पता चला कि कुल 21 पैकेटों से आंशिक रूप से सोना गायब था, जबकि तीन पैकेट पूरी तरह खाली हो चुके थे. प्रारंभिक आकलन के अनुसार, करीब 2,783 ग्राम सोना चोरी किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
बैंक प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जांच शुरू की और बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की. जांच के दौरान संदेह किरण कुमार पर गया, जिसे बाद में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि उसने चोरी किए गए सोने को अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों और दुकानों में गिरवी रखकर नकदी हासिल की थी. इस रकम का इस्तेमाल उसने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए में किया.
1.2 किलोग्राम सोना बरामद
पुलिस ने अब तक करीब 1.2 किलोग्राम सोना बरामद कर लिया है, जबकि शेष सोने की तलाश जारी है. जांच अधिकारी उन वित्तीय संस्थानों से भी संपर्क कर रहे हैं, जहां आरोपी ने सोना गिरवी रखा था. हालांकि, कुछ संस्थानों के सहयोग न करने के कारण पुलिस अदालत से आवश्यक निर्देश लेने की तैयारी कर रही है.
इस घटना के बाद बैंक प्रशासन और पुलिस ने ग्राहकों से अपील की है कि वे समय-समय पर अपने लॉकर की जांच करते रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना तुरंत बैंक और पुलिस को दें. इस मामले ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे भविष्य में निगरानी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है.


