देश अगले एक साल में कहां कितने पैसे खर्च करेगा, ये पैसे कहां से आएंगे इन सबका ब्योरा देश के बजट में बताया जाता है. आम बजट आमतौर पर 1 फरवरी को पेश किया जाता है. हालांकि, चुनावी साल में बजट दो हिस्सों में आता है. चुनाव से पहले आने वाले बजट को अंतरिम बजट कहा जाता है और दूसरे हिस्से को पूर्ण बजट कहा जाता है. बजट में इनकम टैक्स, अन्य सरकारी योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे अहम विषयों के लिए बजट का प्रावधान किया जाता है. यही वजह है कि देश की आम जनता की नजर हमेशा इस पर रहती है.
इसी बजट में सरकार अपनी नीतियों का भी ब्योरा रखती है और अपना विजन बताती है. इसका असर कारोबारी बाजार पर भी पड़ता है जिसके चलते कारोबारियों से राय भी ली जाती है. बजट तैयार करने के लिए भी सरकार तमाम क्षेत्रों के विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स से भी राय लेती है.
जवाब – इस वर्ष बजट रविवार को पेश किया जाएगा, यह पहला मौका होगा जब बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा. दरअसल, 1 फरवरी को आम बजट पेश किया जाता है और इस वर्ष ये तारीख रविवार के दिन पड़ रही है.
जवाब – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वां बजट पेश करेंगी, इसके साथ ही उनके नाम नई उपलब्धि जुड़ जाएगी.
जवाब – ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर सकती है.
जवाब – इस बजट में कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है. सरकार 2047 के विकसित भारत के विजन को ध्यान में रखकर नई कृषि नीति का ऐलान कर सकती है.
जवाब – इस बार के बजट में इनकम टैक्स में छूट की गुंजाइश न के बराबर है. हालांकि, सरकार न्यू टैक्स रिजीम को और बेहतर बनाने के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती है.
जवाब – प्रधानमंत्री इंडिरा गांधी ने 1974 के बजट में पहली बार स्टैंडर्ड डिडक्शन को शुरू किया गया.
जवाब – भारतीय परंपराओं में किसी भी काम को शुरू करने से पहले कुछ मीठा खिलाना शुभ माना जाता है, इसलिए बजट जैसे बड़े इवेंट से पहले हलवा सेरेमनी का आयोजन किया जाता है.