विरोध के बाद भी नहीं रुकी सरकार! बजट में NPR के लिए 6000 करोड़ का ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में पेश किए गए 2026-27 के बजट में जनगणना, सर्वेक्षण और सांख्यिकी/भारत के रजिस्ट्रार जनरल के लिए 6,000 करोड़ रुपये आवंटित किए, जिसको लेकर चर्चा तेज हो गई है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: करीब छह साल पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में देशभर में बड़े प्रदर्शन हुए थे. उस समय राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को NRC की तैयारी का एक बड़ा कदम माना गया था. कई लोग इसे खास समुदायों के खिलाफ मानते थे.

प्रदर्शनों के बाद NPR पर चर्चा कम हो गई और सरकार ने इसे आगे नहीं बढ़ाया लेकिन अब 2026-27 के केंद्रीय बजट से पता चलता है कि मोदी सरकार ने NPR को भुलाया नहीं है. 

बजट में बड़ा प्रावधान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में पेश किए गए 2026-27 के बजट में जनगणना, सर्वेक्षण और सांख्यिकी/भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) के लिए 6,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसमें रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय, उनकी योजनाएं, NPR और 2027 की जनगणना की तैयारियां शामिल हैं. इसमें से 218 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए हैं. बजट दस्तावेज में साफ लिखा है कि यह राशि NPR और जनगणना 2027 के खर्च के लिए है. 

यह आवंटन पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है, जो पहले करीब 1,040 करोड़ था. यह छह गुना से भी अधिक बढ़ोतरी दिखाता है।NPR अभी शुरू नहीं हुआगृह मंत्रालय ने जुलाई 2025 में संसद को बताया था कि NPR अपडेट करने पर कोई फैसला नहीं हुआ है.

जनगणना 2027 की घरों की सूची बनाने की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी, लेकिन उसमें NPR का जिक्र नहीं है. एक अधिकारी ने कहा कि NPR के लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है. यह बजट प्रावधान इसलिए है ताकि अगर सरकार फैसला ले तो पैसा तैयार रहे.

NPR और NRC का संबंध

NPR देश के सामान्य निवासियों का रजिस्टर है, जो 2003 के नियमों के तहत बनता है. इसमें लोगों की जानकारी एकत्र की जाती है. अगर कोई नागरिकता पर संदेह होता है तो आगे जांच होती है. NPR के डेटा से स्थानीय स्तर पर नागरिकों का रजिस्टर बन सकता है, जो NRC का आधार बन सकता है. 2010 में पहली बार NPR डेटा 2011 जनगणना के साथ लिया गया था. 

2015 में इसे अपडेट किया गया. 2019 में फिर शुरू हुआ, लेकिन विरोध के कारण रुक गया. कोविड महामारी ने भी सब कुछ टाल दिया. 2020 में सरकार ने NPR और जनगणना के लिए 3,941 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, लेकिन सब रुक गया. 

6,000 करोड़ के प्रावधान से बहस शुरू 

इस 6,000 करोड़ के प्रावधान से NPR और NRC पर बहस फिर शुरू हो गई है. कुछ विपक्षी नेता और विशेषज्ञ कहते हैं कि मोदी सरकार के कार्यकाल में NPR अपडेट हो सकता है और फिर NRC की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है.

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के क्लिफ्टन डी' रोजारियो जैसे लोगों ने कहा कि बजट से साफ है कि सरकार NPR को पूरा करने की तैयारी में है. हालांकि सरकार का कहना है कि अभी कोई फैसला नहीं हुआ. यह सिर्फ संभावना के लिए फंड रखा गया है.

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