चीनी परमाणु मिसाइलों में फ्यूल की जगह भरा था पानी! गुस्से से लाल हो गए जिनपिंग...रॉकेट फोर्स के प्रमुख को दी खौफनाक सजा
चीन की सेना में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रॉकेट फोर्स के प्रमुख जनरल झांग यूक्सिया को बर्खास्त कर हिरासत में लिया है. अमेरिकी रिपोर्टों के अनुसार, परमाणु मिसाइलों में ईंधन की जगह पानी भरा था. इससे सेना की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं और भ्रष्टाचार की गहराई का पता चल रहा है. आइए जानते है इस पूरी खबर को विस्तार से..

नई दिल्ली : चीन की सेना में ऊपरी स्तर के अधिकारियों को हटाने की खबरें अब सामान्य हो चली हैं. राष्ट्रपति शी जिनपिंग लगातार अपने शीर्ष सैन्य अफसरों को भ्रष्टाचार के मामलों में पद से हटा रहे हैं. लेकिन हाल ही में जो बात सामने आई है, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. अमेरिकी गुप्तचर एजेंसियों की रिपोर्टों से पता चला है कि चीन के पश्चिमी इलाके में तैनात परमाणु मिसाइलों में ईंधन की बजाय पानी भरा हुआ था. अगर इन मिसाइलों को दागा जाता, तो वे उड़ान भरने में असफल हो जातीं.
जिनपिंग ने रॉकेट फोर्स के प्रमुख को हिरासत में लिया
इसी वजह से शी जिनपिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की रॉकेट फोर्स के प्रमुख जनरल झांग यूक्सिया को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी. यह कार्रवाई चीन की सैन्य तैयारियों पर सवाल उठाती है और दिखाती है कि भ्रष्टाचार कितनी गहराई तक फैला हुआ है.
सेना के सबसे ऊंचे पद पर रहे एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे...
गौतलब है कि, जनरल झांग यूक्सिया चीन की सेना के सबसे ऊंचे पदों पर रहे एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे. वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बेहद करीबी माने जाते थे और केंद्रीय सैन्य आयोग में शी के बाद दूसरे नंबर पर थे. यह आयोग चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और देश की सेना का सर्वोच्च निकाय है, जहां सभी बड़े फैसले लिए जाते हैं. आयोग पीएलए, सशस्त्र पुलिस और मिलिशिया की कमान संभालता है.
झांग को शी का भाई जैसा कहा जाता है
झांग का परिवार भी शी के परिवार से लंबे समय से जुड़ा हुआ था, और उन्हें शी का 'भाई जैसा' साथी कहा जाता था. लेकिन अब उन पर गंभीर आरोप लगे हैं, जैसे अमेरिका को परमाणु हथियारों की गोपनीय जानकारी लीक करना, पदोन्नति के लिए रिश्वत लेना और सेना की युद्ध तैयारियों को कमजोर करना. 19 जनवरी 2026 को उन्हें हिरासत में लिया गया, जो शी की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का हिस्सा है.
अमेरिकी रिपोर्टों में क्या दावे किए गए
अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में चीन की सेना की कमजोरियों का विस्तार से जिक्र है. इनमें कहा गया है कि जनरल झांग को हिरासत में लेने का कारण केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सेना की युद्ध क्षमता को नुकसान पहुंचाना भी है. चीन की सेना के अखबार पीएलए डेली ने एक लेख में भ्रष्टाचार को खत्म करने की बात कही है, जिसमें 'बड़े चोरों' को जड़ से उखाड़ फेंकने की जरूरत बताई गई है जो सैन्य खर्चों में हेराफेरी करते हैं.
मिसाइलों में तो ईंधन की जगह पानी भरा था
ब्लूमबर्ग की 2024 की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि शिनजियांग इलाके में मिसाइल साइलो के ढक्कन इतने खराब थे कि वे मिसाइलों को लॉन्च होने से रोक देते. कुछ मिसाइलों में तो ईंधन की जगह पानी भरा पाया गया, जो सेना की तैयारियों पर बड़ा सवाल है. इन खुलासों से शी जिनपिंग की सेना में सफाई अभियान तेज हो गया, जिसका मकसद सेना को मजबूत और भरोसेमंद बनाना है.
रॉकेट फोर्स में भ्रष्टाचार की गहराई
चीन की रॉकेट फोर्स, जो परमाणु और पारंपरिक मिसाइलों की देखभाल करती है, भ्रष्टाचार की चपेट में सबसे ज्यादा आई है. 2023 और 2024 में इसके कई नेताओं को हटाया गया. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी चीन में साइलो के ढक्कन खराब होने और मिसाइलों में पानी भरे होने की वजह से पूरी लीडरशिप बदल दी गई.
सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) की रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि कुछ मिसाइलों में अभी भी पानी हो सकता है, लेकिन शी की कार्रवाइयां दिखाती हैं कि वे परमाणु ताकत को मजबूत करने में गंभीर हैं.
जानबूझकर पानी भरकर रखता है चीन
हालांकि, एशिया टाइम्स ने कुछ रिपोर्टों को गलत बताया और कहा कि चीन अपनी लिक्विड-फ्यूल मिसाइलों में ईंधन पहले से नहीं भरकर रखता, इसलिए पानी भरना जानबूझकर किया गया काम हो सकता है. यह भ्रष्टाचार सेना के हथियार खरीद विभाग तक फैला है, जहां रिश्वत लेकर घटिया सामान खरीदा जाता है. शी की मुहिम से अब तक सैकड़ों अधिकारी हटाए जा चुके हैं, जो 2012 से चल रही है.


