गुजरात में दलित दूल्हे पर तलवारबाजी, घोड़े पर बैठने पर मिली दर्दनाक सजा, जानिए पूरा मामला

गुजरात से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसे सुन आप भी भड़क उठेंगे. एक दलित दूल्हे को घोड़े पर सवार देख स्थानीय प्रभावशाली समुदाय भड़क उठा और तुरंत तलवार निकाल ली.

Sonee Srivastav

गुजरात: भारत खुद को दुनिया की बड़ी ताकत बताता है, लेकिन गुजरात के पाटन जिले के चंद्रमाना गांव में एक घटना ने पुरानी जातिगत सोच को फिर उजागर कर दिया. दलित युवक विशाल चावड़ा की शादी का दिन सबसे खुशहाल होना चाहिए था लेकिन उसके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसके सामने सारी खुशी फीकी पड़ गई.

सोमवार को वह अपनी बारात लेकर घोड़े पर सवार होकर गांव की गलियों से निकल रहा था. संगीत बज रहा था, लोग नाच रहे थे, लेकिन अचानक हमलावरों ने तलवारें निकाल ली. मौके पर उत्सव की जगह डर और हिंसा फैल गई.

घोड़े पर सवार दूल्हे पर आया गुस्सा 

स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रभावशाली समुदाय के कुछ लोगों ने बारात रोकी. वे गुस्से में थे क्योंकि एक दलित दूल्हा घोड़े पर सवार था. उनका कहना था कि घुड़सवारी सिर्फ उनकी जाति का हक है. हमलावरों ने नारे लगाए, "दलित घोड़े पर कैसे चढ़ सकता है?" फिर तलवारों से हमला कर दिया. दूल्हे को धमकाया गया, बारात वालों पर मारपीट की गई. यह सिर्फ शादी का विरोध नहीं था, बल्कि सदियों पुरानी ऊंच-नीच की सोच का नंगा रूप था.

गुजरात में बार-बार होती ऐसी घटनाएं

यह कोई नई बात नहीं है. गुजरात में दलित दूल्हों पर घोड़े की सवारी के लिए हमले पहले भी हो चुके हैं. फरवरी 2024 में गांधीनगर के चादासना गांव में विकास चावड़ा नाम के दलित दूल्हे को घोड़े से खींचकर थप्पड़ मारे गए. 2020 में एक सेना जवान की बारात पर पत्थरबाजी हुई क्योंकि वह घोड़ी पर सवार था. अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण कानून के बावजूद ऐसी हिंसा रुक नहीं रही.

पुलिस की कार्रवाई 

पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात की गई है लेकिन विशाल और उसके परिवार पर मानसिक सदमा गहरा है. शादी का खुशी भरा दिन डरावने सपने में बदल गया. परिवार अब न्याय की उम्मीद कर रहा है.

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