दिल्ली में विधायकों की बैठक...मणिपुर में सरकार बनाने की कोशिशें तेज, बीजेपी ने तरुण चुघ को बनाया केंद्रीय पर्यवेक्षक

भाजपा ने मणिपुर में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू की. विधायक दल नेता चुनाव के लिए तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया. सभी विधायक दिल्ली बुलाए गए. राष्ट्रपति शासन खत्म होने से पहले बैठक हुई. भाजपा के पास अब 37 सीटें हैं, बहुमत से ज्यादा. जातीय तनाव के बीच सरकार बनाना चुनौतीपूर्ण.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी ने मणिपुर में नई सरकार बनाने की कवायद तेज कर दी है. पार्टी ने विधायक दल के नेता का चुनाव कराने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को इस प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण कुमार के पत्र में लिखा है कि संसदीय बोर्ड ने तरुण चुघ को मणिपुर विधानमंडल दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है.

दिल्ली में विधायकों की बैठक

राष्ट्रपति शासन का दूसरा कार्यकाल खत्म होने से कुछ दिन पहले, सोमवार को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने मणिपुर के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष सत्यब्रत सिंह, पूर्व मंत्री वाई. खेमचंद सिंह और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी शामिल हुईं. मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा के कारण 13 फरवरी 2025 को पहली बार छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगा था, जिसे अगस्त 2025 में और छह महीने बढ़ा दिया गया.

राष्ट्रपति शासन का दूसरा कार्यकाल खत्म होने से कुछ दिन पहले सोमवार को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने मणिपुर के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष सत्यब्रत सिंह, पूर्व मंत्री वाई. खेमचंद सिंह और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी शामिल हुईं. मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा के कारण 13 फरवरी 2025 को पहली बार छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगा था, जिसे अगस्त 2025 में और छह महीने बढ़ा दिया गया.

9 फरवरी 2025 को बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद विधानसभा को निलंबित कर दिया गया. विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है. अब राष्ट्रपति शासन हटने के साथ नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

विधानसभा में भाजपा की मजबूत स्थिति

60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा अब सबसे बड़ी पार्टी है. 2022 के चुनाव में भाजपा ने 32 सीटें जीती थीं, लेकिन जनता दल (यूनाइटेड) से पांच विधायकों के दलबदल के बाद उसकी संख्या बढ़कर 37 हो गई है. एनपीपी के छह और नागा पीपुल्स फ्रंट के पांच विधायक भी हैं. कांग्रेस के पास पांच सीटें हैं, कुकी पीपुल्स अलायंस की दो, जेडीयू की एक और तीन निर्दलीय हैं. एक सीट मौजूदा विधायक की मौत से खाली है.

भाजपा के पास बहुमत से ज्यादा सीटें हैं, इसलिए मुख्यमंत्री का चुनाव आसान लगता है. हालांकि, जातीय तनाव के बीच सरकार बनाना चुनौतीपूर्ण है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि तरुण चुघ विधायकों से चर्चा कर नेता चुनेंगे, जिसके बाद राज्यपाल से सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा.

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